छात्रवृत्ति घोटाला में पूर्व समाज कल्याण अधिकारी गिरफ्तार

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देहरादून। प्रदेश के बहुचर्चित 500 करोड़ से अधिक के छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कर रही एसआईटी को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसआईटी ने हरिद्वार के पूर्व समाज कल्याण अधिकारी दीपराज अग्निहोत्री को दिल्ली के शेख सराय से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार दीपराज अग्निहोत्री मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले हैं और वर्तमान में त्रिलोक नगर हरिद्वार कनखल में रहते हैं। एसआईटी के गिरफ्त में आए अग्निहोत्री पर छात्रवृत्ति घोटाले के 12 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। आरोप के मुताबिक पूर्व समाज कल्याण अधिकारी दीपराज अग्निहोत्री पर हरिद्वार में वर्ष 2015 से 2019 तक अपने कार्यकाल के दौरान निजी शिक्षण संस्थानों के संचालकों से मिलीभगत कर अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति छात्र छात्राओं के फर्जी एडमिशन दिखाकर सरकारी खजाने से तीन करोड़ 30 लाख रूपए से अधिक गबन करने का आरोप है। एसआईटी के मुताबिक दीपक अग्निहोत्री को अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए कई बार नोटिस दिया गया। लेकिन, उनके द्वारा अपना पक्ष एसआईटी के समक्ष ना रखने पर गिरफ्तारी की गई है। एसआईटी की गिरफ्तार से बचने के लिए दीपक अग्निहोत्री लगातार ठिकाने बदल रहा था। एसआईटी के मुताबिक 12 मुकदमों में गिरफ्तार किए गए दीपराज अग्निहोत्री द्वारा कुल 12 शैक्षणिक संस्थानों को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मिलीभगत कर 3 करोड़ 35 लाख 12 हजार 468 रुपए का गबन किया गया है। उत्तराखंड के सबसे बड़े छात्रवृत्ति घोटाले मामले में हरिद्वार और देहरादून के लिए विशेष कर बनाई गई जांच एसआईटी अभी तक हरिद्वार में 51 और देहरादून में 32 निजी शिक्षण संस्थानों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किए जा चुके हैं। इतना ही नहीं जनपद हरिद्वार में 51 मुकदमों में से 39 और जनपद देहरादून में 32 मुकदमों में से 29 मुकदमे में तत्कालीन लोक सेवकों (समाज कल्याण अधिकारियों) के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 में दर्ज हैं।
ऐसे में निजी शिक्षण संस्थानों के साथ मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करोड़ों रुपए की छात्रवृत्ति धनराशि गबन करने के आरोप में अभी तक एसआईटी टीम द्वारा कुल 5 पूर्व समाज कल्याण अधिकारी गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं। वहीं, छात्रवृत्ति घोटाले मामले में अभी तक दर्जन भर से अधिक शैक्षणिक संस्थानों के घोटालेबाज संचालक भी जेल जा चुके हैं।