देवस्थानम बोर्ड के विरोध में तीर्थ पुरोहितों ने किया सचिवालय कूच

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देहरादून। देवस्थानम बोर्ड को भंग किए जाने की मांग को लेकर तीर्थ पुरोहितों ने सचिवालय कूच किया। शनिवार को तीर्थ पुरोहित और हक-हकूकधारी यहां गांधी पार्क पर एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने नारेबाजी करते हुए सरकार से इस काले कानून को वापस लिए जाने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान राज्यसभा सांसद व देश के वरिष्ठ अधिवक्ता सुब्रमण्यम स्वामी ने भी दूरभाष से रैली को संबोधित किया और उनकी मांगों को जायज ठहराया।
तीर्थ पुरोहितों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर देवस्थानम प्रबंधन एक्ट को भंग नहीं किया जाता है तो वह आत्मदाह करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। सरकार से नाराज तीर्थ पुरोहित चार धामों का अधिग्रहण बंद किए जाने की मांग कर रहे हैं। काला कानून वापस लो, धर्म विरोधी सरकार, उत्तराखंड के मंदिरों का अधिग्रहण करना बंद करो जैसे नारों के बीच तीर्थ पुरोहित और मंदिरों से जुड़े तमाम हक-हकूकधारियों ने सचिवालय कूच कर आक्रोश व्यक्त किया। हालांकि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सचिवालय से पहले ही सुभाष रोड पर सेंट जोसेफ गेट के निकट बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इस दौरान सचिवालय जाने की जिद पर अड़े तीर्थ पुरोहितों और पुलिस के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। बैरिकेडिंग पर रोके जाने से नाराज तीर्थ पुरोहित वहीं धरने पर बैठ गए। मौके पर एक सभा का आयोजन करते हुए सरकार से देवस्थानम बोर्ड को तत्काल भंग किए जाने की मांग उठाई। गौर हो कि आज चारों धामों से जुड़े तीर्थ पुरोहित आक्रोश दिवस, अभिशाप दिवस और काला दिवस मना रहे हैं। प्रदर्शनकारी बाहों में काली पट्टी बांधकर 1 सूत्री मांग को लेकर लामबंद हैं. चारधाम तीर्थ पुरोहित हक-हकूकधारी महापंचायत ने स्पष्ट किया है कि देवस्थानम प्रबंधन एक्ट 2019  को राज्य सरकार रद्द करें, महापंचायत को इसके अलावा कुछ और मंजूर नहीं है।