योगी उत्तराखंड आएं कुटिया में करें अध्यात्मः पूर्व सीएम हरीश रावत

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प्रयागराज में हरीश रावत बोले भाजपा के प्रपंच में फंस गए योगी

देहरादून/प्रयागराज। उत्तराखंड में मतदान एक ही चरण में संपन्न हो चुका है। मतगणना होने तक नेता लोग खाली हैं। ऐसे में उनकी पार्टियां नेताओं को अन्य राज्यों में प्रचार में उतार रही हैं। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत भी चुनाव प्रचार के लिए उत्तर प्रदेश के प्रयागराज पहुंचे हैं।
उत्तर प्रदेश में चार चरण के मतदान हो चुके हैं। अब सभी राजनीतिक दलों के नेताओं का रुख बचे हुए मतदान के चरणों और उनसे जुड़े जिलों के तरफ हो गया है। इसी कड़ी में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत संगम नगरी प्रयागराज पहुंचे थे।
गौरतलब है कि उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत प्रयागराज में चुनाव प्रचार करने पहुंचे थे। उन्होंने पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में जीत मिलने के साथ ही सरकार बनाने का भी दावा किया। साथ ही उन्होंने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को अपना भाई बताते हुए उन्हें उत्तराखंड वापस आने का न्योता भी दिया। उन्होंने कहा, श्योगी जी आध्यात्मिक व्यक्ति हैं, कहां वो भाजपाइयों के प्रपंच में फंस गए हैं। छोटा भाई होने के नाते उन्हें वापस उत्तराखंड बुला रहा हूं। वे आएं, हम एक कुटिया उनको देंगे जहां रहकर वे अध्यात्म में लीन हो सकेंगेश्।
यही नहीं, कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में सरकार बनाने का दावा भी किया। वहीं, 2017 के चुनाव में उत्तर प्रदेश में दस सीट भी न ला पाने वाली कांग्रेस पार्टी के नेता ने इस चुनाव में बेहतरीन रिजल्ट आने का दावा किया। हालांकि यूपी में सरकार बनाने का दावा उन्होंने दबी जुबान में किया। उन्होंने कहा कि हम सरकार बनाने की स्थिति तक पहुंच सकते हैं।उन्होंने गोवा और मणिपुर में भी सरकार बनाने का दावा किया। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी ने जिस तरह उत्तर प्रदेश में पांच सालों तक बेरोजगार, गरीब, मजदूर और महिलाओं के हक की लड़ाई लड़ी, उसी का नतीजा चुनाव परिणाम में देखने को मिलेगा।
उन्होंने कहा कि इस बार जनता भाजपा को सत्ता से हटाने का मन बना चुकी है। उन्होंने सीएम योगी को अपना भाई बताया और कहा कि उन्हें योगी जी से भाई होने के नाते प्यार है। इस कारण वो उन्हें वापस उत्तराखंड बुला रहे हैं। कहा कि योगी जी वहां कुटिया में रहकर आध्यात्म में लीन हो सकेंगे।