उत्तराखंड : बारिश से तबाही, मकानों में आई दरारें, सड़कें बंद, कई वाहन फंसे

बारिश से तबाही

पिथौरागढ: जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भारी बारिश से तबाही जारी है। भारी बारिया के चलते जनजीवन प्रभावित हो वरहा है। पिछले 24 घंटे में थल में 180 और बेड़ीनाग में 130 मिमी बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश से कहीं सड़कों पर भारी मलबा गिर रहा है, तो कहीं मकानों को खतरा हो गया है। मुनस्यारी-थल सड़क बनिक के पास मलबा और पत्थर गिरने से घंटों बंद रही। नाचनी के फल्याटी में भी सड़क पर भारी मलबा आ गया।

बारिश से बढ़ा ख़तरा

बेड़ीनाग में जीआईसी की एक साल पहले बनी बाउंडरी वॉल ढहने की कगार पर है। प्राथमिक विद्यालय खितोली में मलबा घुस गया। महाविद्यालय मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है। ट्रेजरी लाइन में भी कई घरों में पानी घुस गया। ढनोली-सानीखेत मोटर मार्ग में 20 मीटर सड़क ध्वस्त हो गई है। बना और भट्टीगांव वार्ड में कई घर खतरे की जद में आ गए हैं।

सतर्क रहने के निर्देश

उडियारी में कला देवी और गोपाल सिंह के मकान के पास भारी भूस्खलन हुआ है। कांडे गांव में किशन राम के घर के पीछे भूस्खलन हुआ है। उडियारी बैंड- चौकोड़ी मोटर मार्ग मलबा आने के कारण तीन घंटे बंद रहा। बेड़ीनाग-कालीताल-जाखरावत सड़क मलबे से बंद रही। एसडीएम यशवीर सिंह ने बताया कि मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

मकान की सुरक्षा दीवार गिर गई

तेज बारिश के बीच लेजम ग्राम पंचायत के तोक कमद में दिव्यांग गोपाल राम पुत्र तेज राम के प्रधानमंत्री आवास के तहत बनी मकान की सुरक्षा दीवार गिर गई। मूनाकोट ब्लॉक के क्वीतड़ से हल्दू को जाने वाली लोक निर्माण विभाग की सड़क भारी बारिश के बाद चट्टान गिरने से बंद हो गई। उधर, गणाई-बनकोट सड़क जगह-जगह मलबा आने बंद हो गई। बाद में विभाग ने जेसीबी भेजकर सड़क को यातायात के लिए खोला।

तीन मकानों को खतरा

अस्कोट में खोलिया गांव इंद्र बहादुर, लोकेंद्र सिंह के मकान की सुरक्षा दीवार गिर गई। इससे मकान खतरे की जद में आ गया है। इंद्र बहादुर पाल ने बताया कि भूस्खलन के चलते मकान के आंगन की दीवार गिरने से तीन मकानों को खतरा बना है।

ये मार्ग बंद

भारी बारिश के चलते ग्रामीण क्षेत्र की 21 सड़कें बंद हो गईं हैं। आपदा प्रबंधन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार खुमती-कटौजिया, मदकोट-बोना, मालाकोट-लोद, आलम-दारमा, बंगापानी-जाराजिबली, बांसबगड़-सेलमानी, देकुना-बसंतनगर, नाचनी-बांसबगड़, धापा-मुनस्यारी, गलाती-रमतोली सड़कें बंद हैं। इनके अलावा सेलमानी-बिचना, आदिचौरा-सीनी, मुनस्यारी-हरकोट-मदकोट, डीडीहाट-दूनाकोट, गुंतड़ी-पातालभुवनेश्वर, कोटमन्या-पांखू, ढिढाली-गंगोलीहाट सड़कें भी मलबा आने से बंद हो गई हैं।

अस्कोट, नाचनी, डीडीहाट में मंगलवार देर रात से क्षेत्र की बिजली आपूर्ति फिर भंग हो गई। बिजली विभाग ने बुधवार सुबह नौ बजे आपूर्ति तो कर दी लेकिन आंख मिचौली जारी रही। उप खंड अधिकारी गिरीश आर्या ने बताया कि 33 केवी लाइन में कार्य चल रहा है। इससे आपूर्ति में बाधा आ रही है। व्यापार संघ अध्यक्ष गोविंद सिंह रावत ने कहा कि विद्युत विभाग ठेकेदारी में चल रहा है कोई ध्यान देने वाला नहीं है। कहा कि बिजली की अव्यवस्था के लिए विभाग जिम्मेदार है।

लगातार हो रही बारिश के कारण थल-मुनस्यारी सड़क हरड़िया नया बस्ती के पास 12 घंटे बंद रही।जगह-जगह विद्युत लाइन के क्षतिग्रस्त होने से तल्ला जोहार के 50 ग्राम पंचायतों सहित कई अन्य स्थानों में बिजली गुल रही। इस कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।

होकरा, देकुना, कोटा पंद्रहपाला, धामीगांव और बागेश्वर जिले के महरगाड़ी पालनाधूरा और नापड़ क्षेत्र में विद्युत लाइनों के ध्वस्त होने से तल्ला जोहार के 50 से अधिक गांवों के अलावा अन्य स्थानों पर बिजली गुल रही। डीडीहाट क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से आस-पास के नाले, गधेरे उफान पर हैं। देवीसूना, दूनाकोट क्षेत्र में बहने वाली रौतिस गधेरा और चरम गाड़ उफान पर आ गए हैं। एसडीएम श्रेष्ठ गुनसोला ने लोगों से गाड़-गधेरों से दूर रहने की अपील की है।

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