देहरादून :
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर देहरादून स्थित सिटी फॉरेस्ट पार्क में स्वास्थ्य, आध्यात्म और प्रकृति का अनूठा संगम देखने को मिला। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) द्वारा आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में 1000 से अधिक लोगों ने सामूहिक योग कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया।
इस कार्यक्रम में राज्य के मुख्य सचिव आनंद बर्धन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ अपर सचिव मुख्यमंत्री एवं MDDA उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, सचिव मोहन सिंह बर्निया सहित कई प्रशासनिक अधिकारी, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
प्राकृतिक हरियाली, पहाड़ों की शांत वादियों और सुबह की ताजी हवा के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने योग प्रशिक्षकों के निर्देशन में विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए योग को दैनिक जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को केवल औपचारिक आयोजन तक सीमित न रखते हुए इसे प्रकृति संरक्षण, स्वस्थ जीवनशैली और सामाजिक जागरूकता से भी जोड़ा गया। प्रशिक्षकों ने योग के वैज्ञानिक लाभों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नियमित अभ्यास तनाव को कम करने, मानसिक संतुलन बनाए रखने और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से बचाव में सहायक है।
मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने अपने संबोधन में कहा कि योग भारत की सनातन संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसने विश्व को स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखाया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते तनाव के बीच योग मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।
MDDA उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि उत्तराखंड योग, तप और आध्यात्मिक साधना की भूमि रहा है तथा राज्य को योग, आयुर्वेद और वेलनेस के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने के प्रयास जारी हैं।
कार्यक्रम के पश्चात मुख्य सचिव ने 12 एकड़ में विकसित सिटी फॉरेस्ट पार्क का निरीक्षण किया। उन्होंने चिल्ड्रन पार्क, साइकिल ट्रैक, ओपन जिम, सोलर प्लांट, ईवी चार्जिंग स्टेशन, कैफेटेरिया और अन्य सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने पार्क की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए क्यूआर कोड आधारित फीडबैक सिस्टम विकसित करने के निर्देश भी दिए, ताकि नागरिक अपनी राय सीधे दर्ज कर सकें।
इस आयोजन ने यह स्पष्ट किया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि प्रकृति और जीवन के साथ संतुलन स्थापित करने का माध्यम है। बड़ी संख्या में युवाओं और महिलाओं की भागीदारी ने यह संकेत दिया कि योग आधुनिक जीवनशैली का अहम हिस्सा बन चुका है।






















