कंचन धीमान (हरिद्वार)धर्मनगरी के कनखल क्षेत्र में गणेश उत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। राजा दक्ष की नगरी कनखल में भगवान गणेश के ननिहाल आगमन की मान्यता के साथ दक्षेश्वर महादेव मंदिर परिसर में अष्ट विनायक गणेश जी की विधिवत स्थापना की गई। इस अवसर पर धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया।
गणेश चतुर्थी के अवसर पर अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने देश और प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बताया कि अखाड़ों और संत समाज की ओर से गणपति की विधि-विधान से पूजा और प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न कराई गई है। आगामी दिनों में भी मंदिर परिसर में नियमित रूप से पूजा-अर्चना जारी रहेगी और भगवान गणेश से देश-प्रदेश में सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की प्रार्थना की जाएगी।
हरिद्वार महंत रवींद्र पुरी ने कहा कि भगवान गणेश को बुद्धि और विद्या का अधिष्ठाता माना जाता है। सनातन परंपरा में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले गणेश जी का पूजन किया जाता है। उन्होंने कामना की कि गणपति के आशीर्वाद से लोगों के जीवन में बुद्धि, सिद्धि, शुभ और लाभ का संचार हो।
हरिद्वार
कनखल में इस वर्ष करीब 8 फीट ऊंची गणपति प्रतिमा भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। इसके अलावा हरिद्वार और कनखल के विभिन्न क्षेत्रों में भी गणपति की भव्य प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। उत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान गणेश के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंच रहे हैं।




















