हरिद्वार जिले के भगवानपुर क्षेत्र में एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है। रविदास आश्रम में रहने वाले महंत बृजेश दास की गुमशुदगी का राज खुलने के बाद यह साफ हो गया है कि उनकी बेरहमी से हत्या की गई थी। पुलिस ने इस मामले में एक दंपति और उनके देवर को गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार, 10 फरवरी को भगवानपुर थाना क्षेत्र के टकाभरी (मोहम्मद बेगपुर) गांव निवासी श्याम सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि महंत बृजेश दास 5 फरवरी से लापता हैं और उनका कोई सुराग नहीं मिल रहा है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान भगवानपुर थाना पुलिस और सीआईयू रुड़की की संयुक्त टीम ने कॉल डिटेल्स और अन्य सुरागों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। पुलिस को पता चला कि महंत बृजेश दास का संपर्क उत्तर प्रदेश के बागपत जिले की एक महिला से था और आखिरी बार उसी से उनकी बातचीत हुई थी।
इसके बाद पुलिस ने संबंधित महिला, उसके पति संजीव और उसके देवर जोगेंद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस के अनुसार, महिला ने बताया कि महंत बृजेश दास पुराने परिचय के कारण उनके घर आते-जाते थे और कथित रूप से मानसिक व आर्थिक दबाव बना रहे थे। इसी वजह से 5 फरवरी को उन्हें फोन कर घर बुलाया गया।
पुलिस के मुताबिक, घर पहुंचने पर आरोपी पति ने कुल्हाड़ी से हमला कर महंत की हत्या कर दी। वारदात के बाद तीनों आरोपियों ने शव और महंत की बाइक को रात के अंधेरे में कृष्णा नदी में फेंक दिया, ताकि सबूत मिटाए जा सकें।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर नदी किनारे से महंत बृजेश दास का शव बरामद कर लिया है। साथ ही वारदात में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी, मृतक का मोबाइल फोन, जले हुए कपड़ों के अवशेष और अन्य सामान भी बरामद किए गए हैं। आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए कुछ सामान जलाने की भी कोशिश की थी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जाएगा। फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है।





















