संजय राउत
मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने जेल में रहने के दौरान अपनी तबीयत बिगड़ने को लेकर गंभीर आशंका जताई है। राउत का दावा है कि जेल में रहते हुए उन्हें कथित तौर पर ‘स्लो पॉइजनिंग’ का शिकार बनाया गया हो सकता है और उनके कैंसर की शुरुआत भी उसी दौरान हुई।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राउत ने बताया कि जेल से बाहर आने के बाद नवंबर 2025 में उन्हें पेट के कैंसर का पता चला था। इसके बाद उनका कीमोथेरेपी और रेडिएशन के जरिए इलाज किया गया।
राहुल गांधी ने दी टॉक्सिकोलॉजी टेस्ट की सलाह
राउत के अनुसार, करीब 10 दिन पहले उनकी कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात हुई थी। बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने उनकी बीमारी के बारे में जानकारी ली और कथित तौर पर टॉक्सिकोलॉजी/टॉक्सिसिटी टेस्ट कराने की सलाह दी।
राउत का कहना है कि राहुल गांधी ने आशंका जताई कि जेल में राजनीतिक विरोधियों के साथ कुछ भी हो सकता है और यह जांच कराई जानी चाहिए कि कहीं उनके शरीर में किसी जहरीले पदार्थ का प्रभाव तो नहीं है।
2022 में 101 दिन जेल में रहे थे राउत
संजय राउत को 1 अगस्त 2022 को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गोरेगांव के पात्रा चॉल पुनर्विकास मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया था। वह मुंबई की आर्थर रोड जेल में करीब 101 दिन रहे और 9 नवंबर 2022 को जमानत मिलने के बाद बाहर आए।
जेल के अपने अनुभवों पर राउत ने बाद में ‘नरकातला स्वर्ग’ नाम से पुस्तक भी लिखी।
हालांकि, ‘स्लो पॉइजनिंग’ और कैंसर के बीच संबंध को लेकर राउत द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि का उल्लेख इन रिपोर्टों में नहीं है।





















