कंचन धीमान (हरिद्वार) 10 सितंबर 2026। भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती के अवसर पर हरिद्वार जिले में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने देवपुरा चौक स्थित पंत पार्क पहुंचकर पंडित गोविंद बल्लभ पंत की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
हरिद्वार इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख सेनानियों में शामिल रहे। वे कुशल प्रशासक, प्रभावशाली वक्ता और समाज सुधारक के रूप में भी जाने जाते हैं। देश की आजादी के आंदोलन के साथ-साथ सामाजिक और राजनीतिक चेतना को मजबूत करने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।
हरिद्वार जिलाधिकारी ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत का जन्म 10 सितंबर 1887 को अल्मोड़ा जिले के खूंट गांव में हुआ था। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा एवं विधि की पढ़ाई पूरी की और छात्र जीवन से ही सामाजिक तथा राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय हो गए थे।
डीएम ने कहा कि पंडित पंत ने जिस सशक्त और आधुनिक भारत की परिकल्पना की थी, उसे आगे बढ़ाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने दायित्वों का ईमानदारी और निष्ठा के साथ निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और लोगों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी ढंग से कार्य करने का आह्वान किया।
वहीं, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) जितेंद्र कुमार ने कलेक्ट्रेट सभागार में पंडित गोविंद बल्लभ पंत के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
हरिद्वार
जयंती के अवसर पर जिले के विभिन्न सरकारी कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों में भी कार्यक्रम आयोजित किए गए। अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने पंडित पंत के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उनके जीवन, विचारों और राष्ट्र निर्माण में योगदान को याद किया।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।




















