Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर में आगामी कांवड़ यात्रा से पहले कांवड़ मार्ग पर होने वाले महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। नगर पालिका द्वारा करोड़ों रुपये के निर्माण कार्यों का टेंडर निरस्त किए जाने पर जिलाधिकारी (डीएम) ने कड़ी नाराजगी जताई है। समीक्षा बैठक के दौरान डीएम ने संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा और पूरे मामले की जानकारी ली।
बझेडी अंडरपास से मदीना चौक तक होना था निर्माण कार्य
बैठक के दौरान डीएम ने बझेडी अंडरपास से मदीना चौक तक प्रस्तावित निर्माण कार्यों की प्रगति के बारे में जानकारी ली। इस पर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) पवन कुमार ने बताया कि संबंधित टेंडर निरस्त कर दिया गया है। यह जानकारी मिलने पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों से कारण पूछा।
3.37 करोड़ रुपये से होने थे दो बड़े विकास कार्य
नगर पालिका द्वारा राज्य वित्त आयोग की धनराशि से दो प्रमुख परियोजनाएं प्रस्तावित थीं।
- 1.69 करोड़ रुपये की लागत से बझेडी अंडरपास से मदीना चौक तक सड़क का चौड़ीकरण और सीसी रोड का निर्माण होना था।
- 1.68 करोड़ रुपये की लागत से इसी मार्ग पर दोनों ओर इंटरलॉकिंग पटरी का सुधार और आबकर के प्लॉट से आबिद अली के मकान तक कवर आरसीसी नाले का निर्माण प्रस्तावित था।
इन दोनों परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 3.37 करोड़ रुपये है।
तकनीकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी नहीं खुली फाइनेंशियल बिड
जानकारी के अनुसार, तत्कालीन ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह के कार्यकाल में दोनों परियोजनाओं के लिए टेंडर जारी किए गए थे। टेंडर की तकनीकी जांच (Technical Evaluation) भी पूरी हो चुकी थी।
हालांकि, उनके तबादले के बाद फाइनेंशियल बिड नहीं खोली गई। इसके लिए दो डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) की आवश्यकता थी, जो एई (निर्माण) और जेई के माध्यम से उपलब्ध कराई जा सकती थी। इसके बावजूद नगर पालिका प्रशासन ने टेंडर को निरस्त कर दिया।
लोक निर्माण विभाग से पहले ही मिल चुकी थी एनओसी
बताया जा रहा है कि इन निर्माण कार्यों के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) से पहले ही अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त किया जा चुका था। इसके बावजूद टेंडर निरस्त होने से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सके।
डीएम ने जताई कड़ी नाराजगी
कांवड़ यात्रा से पहले निर्माण कार्यों में हुई इस देरी और टेंडर निरस्त किए जाने पर डीएम ने अधिकारियों के प्रति कड़ी नाराजगी जताई। अब माना जा रहा है कि प्रशासन इस पूरे मामले की समीक्षा कर आगे की कार्रवाई कर सकता है।






















