ऑपरेशन स्माइल
हरिद्वार। हरिद्वार जिले के कलियर क्षेत्र में घर से अचानक लापता हुई 10 वर्षीय बालिका को पुलिस ने ऑपरेशन स्माइल के तहत सकुशल तलाश कर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। बेटी के मिलने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली और पुलिस टीम का आभार जताया।
पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, 4 नवंबर 2026 को हारुन पुत्र मुख्तियार अहमद, निवासी मुकर्रबपुर, थाना कलियर ने देर रात कोतवाली पहुंचकर अपनी 10 वर्षीय बेटी के लापता होने की सूचना दी थी। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी घर से बिना बताए कहीं चली गई है। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका।
लाउडस्पीकर से कराया प्रचार, CCTV कैमरों की भी जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली कलियर पुलिस ने तत्काल बालिका की तलाश के लिए टीम गठित कर प्रयास शुरू किए। पुलिस ने दरगाह क्षेत्र और आसपास के इलाकों में लाउडस्पीकर के माध्यम से बच्ची की जानकारी प्रसारित कराई।
इसके साथ ही बालिका की तस्वीर के आधार पर दरगाह क्षेत्र, इमली रोड, धनोरी रोड और सोहलपुर रोड पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली गई।
बेड़पुर के पास अकेली मिली बालिका
पुलिस के अनुसार, सुबह तलाश अभियान के दौरान टीम को बालिका बेड़पुर के पास अकेली घूमती हुई मिली। पुलिस ने उसे सुरक्षित संरक्षण में लेकर कोतवाली पहुंचाया। इसके बाद चाइल्ड वेलफेयर टीम के समक्ष प्रस्तुत कर आवश्यक पूछताछ की गई।
बालिका के परिजनों को सूचना देकर उसे सकुशल उनके सुपुर्द कर दिया गया। बेटी के सुरक्षित वापस मिलने पर परिजनों ने हरिद्वार पुलिस का आभार व्यक्त किया।
इन पुलिसकर्मियों ने निभाई अहम भूमिका
बालिका की तलाश और सकुशल बरामदगी की कार्रवाई में निम्न पुलिसकर्मी शामिल रहे:
1. प्रभारी निरीक्षक कमल मोहन भंडारी
2. वरिष्ठ उपनिरीक्षक रमेश कुमार सैनी
3. उपनिरीक्षक अमित नौटियाल
4. हेड कांस्टेबल सुबोध कुमार
5. कांस्टेबल प्रकाश मनराल
अभिभावकों के लिए जरूरी संदेश
यह घटना बच्चों की सुरक्षा और उनके अचानक लापता होने की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना देने के महत्व को दर्शाती है। ऐसी परिस्थितियों में समय पर सूचना मिलने से तलाश अभियान जल्द शुरू करने में मदद मिल सकती है। बच्चों को घर से बाहर जाते समय अभिभावकों को जानकारी देने और आपात स्थिति में परिवार से संपर्क करने के बारे में जागरूक करना भी जरूरी है।




















