हरिद्वार। अखिल भारतीय संत समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक हरिद्वार में आयोजित की गई। बैठक में देश के करीब 20 राज्यों से समिति के महामंत्री एवं पदाधिकारी शामिल हुए। यह बैठक पूज्यपाद जगद्गुरु रामानंदाचार्य हंसदेवाचार्य जी के अवतरण दिवस के अवसर पर आयोजित की गई।
बैठक में अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि, मथुरा की कृष्ण जन्मभूमि और काशी विश्वनाथ से जुड़े विषयों पर प्रमुखता से चर्चा हुई। समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि अयोध्या, मथुरा और काशी समिति के मूल संकल्पों में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इन विषयों को लेकर संत समाज आगे की रणनीति तैयार कर रहा है।
हरिद्वार बैठक में सनातन धर्म के समक्ष मौजूद चुनौतियों, मठ-मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कराने तथा देश की मौजूदा धार्मिक और सामाजिक परिस्थितियों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि आगामी कुंभ के दौरान देशभर से संतों का व्यापक समागम होगा, जिसमें सनातन धर्म के विभिन्न संप्रदायों के संत एक मंच पर उपस्थित होंगे। कुंभ के आयोजन और प्रबंधन में संत समाज की भूमिका को लेकर भी बैठक में चर्चा की गई।
हरिद्वार बैठक के बाद अयोध्या, मथुरा और काशी से जुड़े विषयों पर संत समिति की आगामी रणनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। समिति की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, इस पर अब सभी की नजरें बनी हुई हैं।





















