हरिद्वार, 24 अगस्त 2026। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में रोशनाबाद स्थित कलक्ट्रेट सभागार में जिला गंगा संरक्षण समिति की 76वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में गंगा की स्वच्छता, घाटों के रखरखाव, अतिक्रमण, प्रदूषण नियंत्रण और जनजागरूकता से जुड़े विषयों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में गंगा घाटों और हर की पौड़ी क्षेत्र में अतिक्रमण के मामलों को गंभीरता से लेते हुए नगर मजिस्ट्रेट, उप जिलाधिकारियों, एचआरडीए, पुलिस, सिंचाई विभाग और नगर निगम हरिद्वार को समन्वय बनाकर संयुक्त अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि घाटों को अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए नियमित निरीक्षण और लगातार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने सभी जिलास्तरीय अधिकारियों को अपनी-अपनी सरकारी परिसंपत्तियों पर अतिक्रमण रोकने के निर्देश भी दिए। राष्ट्रीय राजमार्ग, ग्रामीण सड़क, वन भूमि और ग्राम पंचायतों सहित सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया।
गंगा में न जाए नालों का गंदा पानी
हरिद्वार जिलाधिकारी ने गंगा की निर्मलता बनाए रखने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में नालों का गंदा पानी गंगा नदी में न पहुंचे। इसके लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ प्रभावी कदम उठाने को कहा गया। बैठक में जनपद में संचालित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के कामकाज की भी समीक्षा की गई और गंगा के जल की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
सिंगल यूज प्लास्टिक पर कार्रवाई
पर्यावरण संरक्षण को लेकर जिलाधिकारी ने सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर निगम और संबंधित अधिकारियों से कहा कि प्रतिबंधित प्लास्टिक का इस्तेमाल करने वाले दुकानदारों के खिलाफ नियमानुसार चालानी कार्रवाई की जाए।
घाटों के रखरखाव पर भी जोर
हरिद्वार बैठक में गंगा घाटों के रखरखाव और मरम्मत की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने नगर निगम को घाटों का रखरखाव करने वाली संबंधित संस्थाओं के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही गंगा संरक्षण के प्रति आम लोगों को जागरूक करने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया गया। विद्यालयों, सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों और स्थानीय नागरिकों की भागीदारी बढ़ाकर लोगों को गंगा को स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त रखने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए।

 

बैठक में डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. लालित नारायण मिश्र, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.के. सिंह, अपर जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, अपर जिलाधिकारी वैभव गुप्ता सहित गंगा संरक्षण समिति के सदस्य और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।