देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में आयोजित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को जन शिकायतों के त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निस्तारण के लिए जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन प्रदेशवासियों और सरकार के बीच संवाद का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, इसलिए शिकायतों के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से पेयजल विभाग और जल जीवन मिशन से संबंधित अधिक संख्या में लंबित शिकायतों पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर सभी लंबित मामलों का प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर शिकायतों का निस्तारण नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन अधिकारियों की शिकायतों के निस्तारण में प्रगति शून्य प्रतिशत है, उन्हें विभागाध्यक्ष तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करें। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि जिन शिकायतों का निर्धारित अवधि में समाधान संभव नहीं हो पा रहा है, उनकी नियमित समीक्षा विभागाध्यक्ष और जिलाधिकारी स्तर पर की जाए। साथ ही, स्पेशल क्लोज, डिमांड, सजेशन अथवा अन्य श्रेणियों में वर्गीकृत शिकायतों की भी गंभीरता से जांच की जाए, ताकि किसी वास्तविक शिकायत का समाधान प्रभावित न हो।
देहरादूनमुख्यमंत्री ने प्रत्येक सोमवार को समाधान दिवस आयोजित करने के निर्देश देते हुए कहा कि जनपद स्तर पर जिलाधिकारी, मंडल स्तर पर मंडलायुक्त तथा शासन स्तर पर सचिव नियमित रूप से जनता की समस्याओं की सुनवाई और समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने समाधान दिवस को प्रभावी जनसेवा मंच के रूप में विकसित करने तथा उसकी नियमित मॉनिटरिंग पर भी जोर दिया।
बैठक में मुख्यमंत्री ने भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय वन सेवा के अधिकारियों द्वारा सेवा के शुरुआती कार्यक्षेत्रों में किए गए नवाचारों की भी समीक्षा की। उन्होंने ऐसे सभी नवाचारों का विस्तृत विवरण 50 दिनों के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पहली ही माह से पेंशन का भुगतान सुनिश्चित करने पर बल देते हुए कहा कि इस प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए और इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभागाध्यक्ष की होगी।
चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने आपदा प्रबंधन, लोक निर्माण, पर्यटन, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को यात्रा मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
भूमि संबंधी विवादों के शीघ्र समाधान पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने ऐसे मामलों की नियमित मॉनिटरिंग करने और अनावश्यक रूप से लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
देहरादून बैठक में सचिव डॉ. पंकज पांडेय ने बताया कि 18 अप्रैल से 28 जुलाई 2026 के बीच मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 पर 67,843 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें 20,461 शिकायतों का पूर्ण समाधान, 31,363 का आंशिक निस्तारण किया जा चुका है, जबकि 7,404 शिकायतें प्रक्रियाधीन, 4,061 लंबित तथा 3,738 शिकायतें स्पेशल क्लोज श्रेणी में हैं। उन्होंने बताया कि स्पेशल क्लोज मामलों की दर घटकर 5.5 प्रतिशत रह गई है, जो पूर्व की तुलना में उल्लेखनीय सुधार का संकेत है।
समीक्षा के दौरान यह भी जानकारी दी गई कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में हेल्पलाइन पर शिकायतों की संख्या बढ़ी है, वहीं प्रमुख विभागों में शिकायतों के औसत निस्तारण समय में भी सुधार दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लेने और विभागवार निगरानी प्रणाली को भी और अधिक प्रभावी बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने सभी सचिवों और जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि अगली समीक्षा बैठक से पहले अपने-अपने विभागों में व्यापक समीक्षा कर लें। उन्होंने कहा कि भविष्य की समीक्षा केवल शिकायतों की संख्या के आधार पर नहीं, बल्कि समाधान की गुणवत्ता, शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि और विभागीय जवाबदेही के आधार पर की जाएगी।
देहरादून बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों के शिकायतकर्ताओं से सीधे फोन पर बातचीत कर शिकायतों के समाधान की जानकारी भी ली। अल्मोड़ा, टिहरी गढ़वाल, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर के कई शिकायतकर्ताओं ने अपनी समस्याओं के समाधान पर संतोष व्यक्त किया। जिन मामलों में शिकायतें लंबित थीं, उनके त्वरित निस्तारण के लिए मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
बैठक में राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय कुमार रुहेला, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, एल. फैनई, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, विभिन्न विभागों के सचिव, अपर सचिव, विभागाध्यक्ष तथा सभी जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।