बिसौली, बदायूं। बिसौली तहसील स्थित सप्लाई कार्यालय एक बार फिर अपनी कार्यप्रणाली को लेकर सवालों के घेरे में है। आरोप है कि राशन कार्ड संबंधी मामलों में लगातार लापरवाही बरती जा रही है, जिससे आम नागरिकों को महीनों तक कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, राशन कार्ड में नाम जोड़ने, यूनिट बढ़ाने एवं अन्य संशोधन संबंधी कई आवेदन लंबे समय से लंबित पड़े हैं। आवेदकों का कहना है कि सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करने के बावजूद उनके कार्यों का निस्तारण नहीं किया जा रहा है, जिससे पात्र लाभार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कार्यालय में मौजूद एक महिला, जो ओरछी क्षेत्र से आई थीं, अपनी समस्या को लेकर काफी परेशान दिखाई दीं। महिला का आरोप था कि वह राशन कार्ड में यूनिट बढ़वाने के लिए तीन से चार बार सप्लाई कार्यालय आ चुकी हैं और आवश्यक दस्तावेज भी जमा कर चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। बार-बार चक्कर लगाने के बावजूद समस्या का समाधान न होने से उन्होंने नाराजगी व्यक्त की।
वहीं, मामले की जानकारी लेने पहुंचे पत्रकार पीयूष सोनी एवं शिवम शर्मा के साथ भी कथित रूप से अभद्र व्यवहार किए जाने का आरोप है। पत्रकारों का कहना है कि जब उन्होंने लंबित आवेदनों और विभागीय कार्यप्रणाली के संबंध में जानकारी मांगी, तो एक कर्मचारी ने कथित तौर पर कहा, “आप कौन होते हैं, हम आपको जानकारी क्यों दें?” इतना ही नहीं, पत्रकारों का आरोप है कि कार्यालय के कुछ कर्मचारियों द्वारा यह भी कहा गया कि “ये पत्रकार हमारे काम में बाधा डाल रहे हैं।”
इन आरोपों के बाद सप्लाई विभाग की कार्यशैली और पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सरकारी कार्यालयों में जनता और मीडिया के प्रति जवाबदेही बनाए रखना आवश्यक है तथा लोगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान होना चाहिए।
लोगों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने, लंबित राशन कार्ड मामलों का शीघ्र निस्तारण कराने तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारी इन आरोपों का संज्ञान लेकर जांच एवं आवश्यक कार्रवाई करते हैं या नहीं। साथ ही, महीनों से लंबित राशन कार्ड आवेदनों का निस्तारण कर आम जनता को राहत दिलाई जाती है या नहीं। फिलहाल क्षेत्रीय नागरिकों की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।





















