हरिद्वार, 25 अगस्त 2026। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने मंगलवार को जिला पर्यटन कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यालय की कार्यप्रणाली, भवन एवं परिसर की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों को स्वच्छता, रखरखाव और पर्यटकों की सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यालय परिसर में संचालित चारधाम यात्रा पंजीकरण केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने यात्रियों के पंजीकरण की प्रक्रिया और श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। साथ ही परिसर में साफ-सफाई, पेयजल, बैठने की व्यवस्था, सूचना पट्टों तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का भी अवलोकन किया।
हरिद्वार जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पर्यटन कार्यालय परिसर को स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित रखा जाए और यात्रियों व पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने पंजीकरण केंद्र पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक और बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
इस दौरान जिलाधिकारी ने जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल से जनपद में संचालित पर्यटन विभाग की योजनाओं, पर्यटन स्थलों के विकास कार्यों, पर्यटक सुविधाओं के विस्तार तथा विभागीय गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए विकास कार्यों को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
हरिद्वार जिलाधिकारी ने कहा कि हरिद्वार की धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन संबंधी विशेष पहचान को ध्यान में रखते हुए जनपद के पर्यटन एवं धार्मिक पर्यटन स्थलों को और अधिक विकसित एवं आकर्षक बनाया जाना आवश्यक है। उन्होंने पर्यटकों और श्रद्धालुओं के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान देने को कहा।
उन्होंने वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना, होम स्टे योजना सहित पर्यटन विभाग की अन्य योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और अधिक से अधिक पात्र लोगों को इनका लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से स्थानीय युवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को स्वरोजगार से जोड़कर पर्यटन गतिविधियों के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत किया जा सकता है।
जिलाधिकारी ने कहा कि हरिद्वार देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन केंद्र है। ऐसे में पर्यटन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, पर्यटन स्थलों का सुनियोजित विकास और यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।




















