देहरादून। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए प्रशासनिक प्रयासों के साथ आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। यह बात जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शनिवार को लक्ष्मण चौक और कांवली रोड क्षेत्र में आयोजित विशेष स्वच्छता एवं जागरूकता अभियान के दौरान कही।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अभियान में नगर निगम, वेस्ट वॉरियर्स संस्था, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, स्वयंसेवक और स्थानीय नागरिकों ने हिस्सा लिया। अभियान में 100 से अधिक लोगों ने सहभागिता करते हुए चिन्हित क्षेत्रों में सफाई की और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया।
देहरादून जिलाधिकारी ने अभियान का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को सफाई व्यवस्था को नियमित और प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल विशेष अभियानों के दौरान सफाई करना पर्याप्त नहीं है। जिन स्थानों पर गंदगी की समस्या सामने आई है, वहां नियमित निगरानी के साथ कूड़ा उठान और उसके वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से शहर के विभिन्न हिस्सों में समय-समय पर स्वच्छता अभियान चलाने और स्थानीय लोगों को भी इससे जोड़ने को कहा। डीएम ने कहा कि विभागों और सामाजिक संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय से स्वच्छता अभियान को व्यापक रूप दिया जा सकता है।
देहरादूनउन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने घरों, दुकानों और आसपास के क्षेत्रों को साफ रखें तथा कूड़ा निर्धारित स्थान पर ही डालें। सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी फैलाने से बचने के साथ स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता के बिना शहर में स्थायी स्वच्छता व्यवस्था कायम करना मुश्किल है।
जिलाधिकारी ने सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर प्रभावी रोक लगाने और इसके दुष्प्रभावों को लेकर लोगों को जागरूक करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने संबंधित विभागों और संस्थाओं से लगातार जागरूकता अभियान चलाने को कहा।
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सीमा डुंगराकोटी ने भी अभियान में सहभागिता की। उन्होंने
अभियान के दौरान विभिन्न विभागों और संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने निर्धारित क्षेत्रों में सफाई कार्य किया। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार, मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी, तहसीलदार सदर सुरेंद्र देव, वेस्ट वॉरियर्स के नवीन सडाना समेत जिला प्रशासन, नगर निगम, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और अन्य संस्थाओं के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।




















