कंचन धीमान (हरिद्वार,21 सितंबर) मानव उत्थान सेवा समिति के तत्वावधान में आध्यात्मिक गुरु एवं कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज का 75वां जन्मोत्सव सोमवार को ऋषिकुल मैदान में सद्भावना समारोह के रूप में मनाया गया। भव्य पंडाल में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अनुयायी और श्रद्धालु शामिल हुए।
समारोह में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहुंचे। दोनों ने सतपाल महाराज को शॉल ओढ़ाकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम् के गायन से हुई, जिसके बाद राष्ट्रगान प्रस्तुत किया गया। सतपाल महाराज के दोनों पुत्रों ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने तीन पुस्तकों का विमोचन भी किया।
आध्यात्मिक और सामाजिक क्षेत्र में योगदान की सराहना
हरिद्वार राज्यपाल गुरमीत सिंह ने सतपाल महाराज के आध्यात्मिक एवं सामाजिक योगदान की सराहना करते हुए कहा कि सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि सतपाल महाराज का जीवन उनके अनुयायियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। राज्यपाल ने आत्मनिर्भर और विश्वगुरु भारत के लक्ष्य की दिशा में आध्यात्मिक गुरुओं के मार्गदर्शन को महत्वपूर्ण बताया तथा सतपाल महाराज के व्यक्तित्व को सेवा, संकल्प, समर्पण और कल्याण की भावना से जोड़ा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सतपाल महाराज को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके दीर्घायु होने की कामना की। उन्होंने कहा कि सतपाल महाराज ने अपने जीवन में लाखों लोगों को प्रेरित करने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने उनके परिवार को भी शुभकामनाएं दीं और कहा कि धर्म एवं सेवा के संदेश को व्यापक स्तर तक पहुंचाने में उनका योगदान उल्लेखनीय है।
हरिद्वार सीएम धामी ने कहा कि सतपाल महाराज के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मां गंगा से उनके शतायु और दीर्घायु जीवन की कामना की गई। उन्होंने आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बावजूद दिखाई दिए अनुशासन का भी उल्लेख किया।
एकता, सद्भाव और मानव धर्म का संदेश
हरिद्वार समारोह को संबोधित करते हुए सतपाल महाराज ने देश की एकता और अखंडता, भेदभाव रहित समाज, आपसी सौहार्द तथा राष्ट्रीय विकास में योगदान का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक ज्ञान के माध्यम से आत्मज्ञान और आंतरिक शांति की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।
उन्होंने अनुयायियों से विचार, वाणी और कर्मों में शुद्धता बनाए रखने तथा सकारात्मक सोच पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। सतपाल महाराज ने कहा कि आत्मज्ञान और गुरु कृपा के महत्व को समझना आवश्यक है। सकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्ति को जीवन की कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति देता है और आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त करता है।
हरिद्वार
उन्होंने कहा कि मानव धर्म ही सच्चा धर्म है। युवा पीढ़ी के मार्गदर्शन के लिए शास्त्रों की शिक्षा को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने युवाओं से चरित्रवान बनने और सद्भावना के मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया। उनके संबोधन के दौरान पंडाल में मौजूद अनुयायियों ने आध्यात्मिक संदेशों का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।
कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
समारोह में कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी, भाजपा विधायक आदेश चौहान, सतपाल महाराज की धर्मपत्नी अमृता रावत, उनके पुत्र विभुजी महाराज एवं सुयश महाराज, पुत्रवधू आराध्या रावत एवं मोहिना कुमारी, रीवा राजघराने से पुष्पराज भूदेव, रागिनी सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेंद्र चौधरी, रुड़की जिलाध्यक्ष शोभाराम प्रजापति, विक्रम भुल्लर और मनोज गौतम सहित बड़ी संख्या में समर्थक एवं अनुयायी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से सतपाल महाराज के जन्मदिवस पर भेजा गया शुभकामना संदेश भी पढ़कर सुनाया गया।




















