भारत का 1 ट्रिलियन डॉलर एक्सपोर्ट लक्ष्य
नई दिल्ली, 8 अक्टूबर 2026। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत मौजूदा वर्ष में 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के निर्यात लक्ष्य को हासिल करने को लेकर आश्वस्त है। उन्होंने कहा कि भारत ने ऐसे समय में दुनिया के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने की दिशा में काम किया, जब वैश्विक स्तर पर व्यापारिक बाधाएं बढ़ रही थीं। गोयल ने यह बात नई दिल्ली में 31वें CII Partnership Summit के कर्टेन रेजर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही।
सरकार द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, गोयल ने बताया कि भारत ने पिछले वर्ष 863 अरब डॉलर का निर्यात दर्ज किया था और अब चालू वर्ष के लिए 1 ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य रखा गया है। उनके अनुसार, यह लक्ष्य हासिल करने के लिए करीब 16 प्रतिशत की वृद्धि की जरूरत होगी, जबकि अंतरराष्ट्रीय व्यापार की वृद्धि करीब 2.5 से 3 प्रतिशत रहने का अनुमान बताया गया है।
1 ट्रिलियन डॉलर निर्यात लक्ष्य पर सरकार को भरोसा
पीयूष गोयल ने कहा कि 1 ट्रिलियन डॉलर का निर्यात लक्ष्य केवल सरकार का लक्ष्य नहीं है, बल्कि इसमें देश के कारोबार और उद्योग जगत की भी भूमिका है। उन्होंने MSMEs, बड़े एवं छोटे उद्योगों, Global Capability Centres और स्टार्टअप्स को भारत की निर्यात क्षमता का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
सरकार के अनुसार, देश में करीब 6.3 करोड़ MSMEs और लगभग 2.5 लाख स्टार्टअप्स हैं, जिनकी भागीदारी भारत की आर्थिक गतिविधियों और वैश्विक बाजारों में बढ़ती भूमिका से जुड़ी है।
गोयल ने यह भी कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7 प्रतिशत से अधिक बनी रहने को लेकर उन्हें भरोसा है। उन्होंने RBI द्वारा चालू वर्ष के लिए विकास अनुमान में फिर बढ़ोतरी किए जाने का भी उल्लेख किया।
भारत के Free Trade Agreements पर क्या बोले पीयूष गोयल?
वाणिज्य मंत्री ने कहा कि भारत द्वारा किए गए Free Trade Agreements (FTAs) में संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखा गया है। उनके अनुसार, विशेष रूप से कृषि, मछुआरों और MSMEs जैसे क्षेत्रों के हितों की रक्षा करते हुए निर्यात के नए अवसर खोलने पर जोर दिया गया है।
गोयल के मुताबिक, FTAs के माध्यम से कृषि उत्पादों, fisheries और marine products, high-precision products, engineering goods और MSMEs द्वारा बनाए जाने वाले electronic products के लिए विदेशी बाजारों में अवसर बढ़ सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ये समझौते विदेशी कंपनियों और देशों के लिए भारत में निवेश के अवसर खोलते हैं।
हर राज्य में FTA Utilisation Desk की अपील
गोयल ने CII से सभी State Councils में FTA Utilisation Desks स्थापित करने का आग्रह किया। इनका उद्देश्य MSMEs को Free Trade Agreements का प्रभावी इस्तेमाल करने, नए बाजारों में उपलब्ध अवसर समझने और Rules of Origin जैसी आवश्यकताओं की जानकारी हासिल करने में मदद करना है।
सरकार के अनुसार, MSMEs को विदेशी delegations, exhibitions और conferences में भाग लेने तथा अपने उत्पादों और तकनीकों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के अवसरों का लाभ उठाने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
भारत की अर्थव्यवस्था को 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य
पीयूष गोयल ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था फिलहाल करीब 4 ट्रिलियन डॉलर की है और इसमें 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की क्षमता है।
उन्होंने भारत की युवा आबादी और बेहतर जीवन स्तर की बढ़ती आकांक्षाओं को देश की आर्थिक क्षमता से जोड़ते हुए कहा कि तकनीक, प्रतिभा, व्यापार और निवेश भारत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। यह 30 ट्रिलियन डॉलर का आंकड़ा सरकार की ओर से व्यक्त की गई दीर्घकालिक संभावना/दृष्टिकोण के रूप में प्रस्तुत किया गया है, न कि वर्तमान उपलब्धि के रूप में।
AI और नई तकनीक से रोजगार के नए अवसरों पर जोर
गोयल ने कहा कि भारत नई तकनीकों से पीछे नहीं हट रहा है और दुनिया में विकसित हो रही आधुनिक तकनीकों को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उनके अनुसार, AI और अन्य emerging technologies का इस्तेमाल भारतीय प्रतिभा एवं कौशल को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने, productivity और efficiency बढ़ाने तथा भारतीय वस्तुओं और सेवाओं की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता सुधारने के लिए किया जा सकता है।
उन्होंने cyber security और emerging technologies पर आधारित applications जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए नए अवसर बनने की संभावना भी जताई।
कोरोना काल में भारत की वैश्विक प्रतिबद्धताओं का जिक्र
वाणिज्य मंत्री ने कहा कि COVID-19 महामारी के दौरान वैश्विक अर्थव्यवस्था में गंभीर व्यवधान के बावजूद भारत ने अपनी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को समय पर पूरा किया।
सरकार के मुताबिक, गोयल ने कहा कि lockdown के दौरान export-oriented units ने निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के साथ काम जारी रखा और global companies के साथ किए गए Service Level Agreements को भी पूरा किया गया। उन्होंने इसे वैश्विक स्तर पर भारत के प्रति भरोसे से जोड़ा।
आंध्र प्रदेश को बताया ‘Sunrise State’
कार्यक्रम में गोयल ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के साथ राज्य में technology-driven development और governance का उल्लेख किया। उन्होंने आंध्र प्रदेश को देश का “sunrise state” बताया।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सहयोग से निवेश और विकास के अवसरों को आगे बढ़ाया जा सकता है। गोयल ने Visakhapatnam में Google के पहले AI hub और Amaravati में quantum valley का भी उल्लेख किया।
Visakhapatnam में नवंबर में होगा CII Partnership Summit
सरकार के अनुसार, 31वां CII Partnership Summit 12 और 13 नवंबर 2026 को Visakhapatnam में आयोजित किया जाएगा।
गोयल ने विभिन्न देशों से Summit में मजबूत प्रतिनिधिमंडल भेजने और इसके panels, discussions तथा networking programmes में भाग लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि Summit भारत की growth, opportunity और partnership story को वैश्विक मंच पर रखने का अवसर देगा।
PM मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन का भी जिक्र
अपने संबोधन में गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन का भी उल्लेख किया। उन्होंने 7 अक्टूबर 2001 से गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू हुए कार्यकाल और 26 मई 2014 से प्रधानमंत्री के रूप में जारी कार्यकाल को 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा के रूप में वर्णित किया।
गोयल ने सरकार की विभिन्न पहलों का उल्लेख करते हुए JAM Trinity, Digital India, GST और राष्ट्रीय बिजली ग्रिड के एकीकरण जैसे उदाहरणों को सुधार और तकनीक के इस्तेमाल से जोड़ा। उन्होंने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य का भी उल्लेख किया।
आम लोगों और कारोबार के लिए इसका क्या मतलब?
इस घोषणा का सीधा अर्थ यह है कि सरकार भारत के निर्यात, विदेशी बाजारों तक पहुंच, MSMEs, नई तकनीक और निवेश को आर्थिक विकास के प्रमुख क्षेत्रों के रूप में आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है।
खास तौर पर MSMEs के लिए FTAs का बेहतर इस्तेमाल महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि सरकार ने बाजार पहुंच, Rules of Origin और विदेशी व्यापार अवसरों की जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया है।
हालांकि, 1 ट्रिलियन डॉलर का निर्यात लक्ष्य अभी एक लक्ष्य है, उपलब्धि नहीं। इसी तरह 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का उल्लेख दीर्घकालिक क्षमता/लक्ष्य के संदर्भ में किया गया है। इसलिए इन दोनों को खबर में हासिल हो चुके आंकड़े के रूप में नहीं लिखा जाना चाहिए।
निष्कर्ष
31वें CII Partnership Summit के कर्टेन रेजर कार्यक्रम में पीयूष गोयल के संबोधन का मुख्य फोकस भारत की निर्यात महत्वाकांक्षा, FTAs के इस्तेमाल, MSMEs, तकनीकी बदलाव, वैश्विक व्यापार और निवेश पर रहा। सरकार का कहना है कि भारत वैश्विक बाजारों के साथ अपनी भागीदारी बढ़ाते हुए 1 ट्रिलियन डॉलर के निर्यात लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

























