पीयूष गोयल G20 बैठक
मिलवॉकी/नई दिल्ली, 1 अक्टूबर 2026। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका के विस्कॉन्सिन स्थित मिलवॉकी में आयोजित G20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के पहले दिन खाद्य सुरक्षा, किसानों के हित और नियम आधारित बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था को लेकर भारत का पक्ष रखा।
PIB के अनुसार, बैठक की मेजबानी अमेरिका की G20 अध्यक्षता के तहत की जा रही है। बैठक के दौरान G20 व्यापार मंत्रियों ने “G20 Statement on the Weaponization of Food through Coercive Trade Actions” नामक परिणाम दस्तावेज पर सहमति जताई और इस विषय पर सहयोग जारी रखने की इच्छा व्यक्त की।
खाद्य सुरक्षा को भारत की नीति का अहम हिस्सा बताया
खाद्य और व्यापार पर आयोजित सत्र में पीयूष गोयल ने G20 अध्यक्षता की ओर से खाद्य सुरक्षा को चर्चा के केंद्र में रखने का स्वागत किया।
सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, गोयल ने कहा कि सभी के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसानों के लिए अधिक अवसर पैदा करना भारत की नीति के प्रमुख हिस्से हैं। उन्होंने कहा कि भोजन का इस्तेमाल किसी देश पर दबाव बनाने के साधन के रूप में नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक संघर्षों से उत्पन्न खाद्य, ईंधन और उर्वरक संकट का सबसे अधिक प्रभाव ग्लोबल साउथ के देशों पर पड़ने वाले प्रभावों में शामिल है। उनके अनुसार, मौजूदा उर्वरक की कमी भविष्य में खाद्य संकट का कारण बन सकती है।
भारत की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था का किया उल्लेख
पीयूष गोयल ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान भारत ने 140 करोड़ से अधिक नागरिकों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की और जरूरतमंद कई देशों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया।
सरकारी बयान के मुताबिक, वर्तमान में भारत में 80 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।
गोयल ने कहा कि भारत सार्वजनिक भंडारण व्यवस्था बनाए रखता है और छोटे एवं सीमांत किसानों से खरीद करता है। फसल में कमी की स्थिति में खाद्य पदार्थों की उपलब्धता और वहनीयता सुनिश्चित करने के लिए अस्थायी और पारदर्शी उपाय अपनाए जाते हैं।
WTO नियमों का भी किया उल्लेख
सरकार के अनुसार, गोयल ने कहा कि भारत की खाद्य सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को विश्व व्यापार संगठन (WTO) के तहत मान्यता प्राप्त है। उन्होंने इस संदर्भ में बाली मंत्रिस्तरीय निर्णय और जिनेवा मंत्रिस्तरीय घोषणा का उल्लेख किया।
उन्होंने खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए उपायों और दबाव बनाने के लिए किए जाने वाले व्यापारिक कदमों के बीच स्पष्ट अंतर रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
नियम आधारित बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई
पीयूष गोयल ने भारत की उस प्रतिबद्धता को दोहराया जिसमें नियम आधारित, निष्पक्ष, गैर-भेदभावपूर्ण, समान, पारदर्शी, खुली, समावेशी और बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था का समर्थन किया गया है।
उन्होंने इस व्यवस्था के केंद्र में WTO की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, G20 व्यापार मंत्रियों ने खाद्य को दबावपूर्ण व्यापारिक कार्रवाइयों के जरिए हथियार बनाने के मुद्दे पर संयुक्त बयान पर सहमति जताई।
G20 साझेदारों के साथ द्विपक्षीय बैठकें
बैठक से इतर पीयूष गोयल ने कई G20 साझेदार देशों और संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं।
PIB के अनुसार, उन्होंने ब्राजील के विकास, उद्योग, व्यापार एवं सेवा मंत्री और विदेश मंत्री; अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि; यूरोपीय व्यापार एवं आर्थिक सुरक्षा आयुक्त; ब्रिटेन के बिजनेस, इनोवेशन, साइंस एंड ट्रेड सचिव एवं बोर्ड ऑफ ट्रेड के अध्यक्ष; मैक्सिको के अर्थव्यवस्था सचिव तथा पोलैंड के वित्त एवं अर्थव्यवस्था मंत्री के साथ बैठकें कीं।
इन बैठकों का विवरण PIB की विज्ञप्ति में अलग-अलग विषयों या समझौतों के रूप में नहीं दिया गया है।
रॉकवेल ऑटोमेशन कार्यालय और फैक्ट्री का दौरा
सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, दिन में इससे पहले गोयल ने G20 व्यापार मंत्रियों और अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि एंबेसडर जेमीसन ग्रीर के साथ Mequon, Wisconsin में Rockwell Automation के कार्यालय और फैक्ट्री का दौरा भी किया।
इसके अलावा उन्होंने मिलवॉकी आर्ट म्यूजियम में अमेरिकी अधिकारियों की ओर से आयोजित स्वागत रात्रिभोज में भी हिस्सा लिया।
पाठकों के लिए इसका क्या मतलब है?
इस बैठक में भारत की ओर से मुख्य जोर खाद्य सुरक्षा, किसानों के हित और वैश्विक व्यापार व्यवस्था में नियमों की भूमिका पर रहा। सरकार के अनुसार, भारत खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपनी सार्वजनिक भंडारण और खरीद व्यवस्था को महत्वपूर्ण मानता है और व्यापार संबंधी निर्णयों में खाद्य उपलब्धता एवं वहनीयता को ध्यान में रखने की बात करता है।
G20 स्तर पर खाद्य सुरक्षा और दबावपूर्ण व्यापारिक कार्रवाइयों से जुड़े मुद्दे पर संयुक्त बयान पर सहमति बनने का अर्थ है कि इस विषय पर सदस्य देशों ने साझा परिणाम दस्तावेज को स्वीकार किया है। PIB की इस विज्ञप्ति में इस बयान के तहत किसी नए घरेलू नियम या भारत में लागू होने वाली किसी नई नीति की घोषणा नहीं की गई है।
स्रोत: प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), भारत सरकार
प्रकाशन: 1 अक्टूबर 2026






















