CAPEX 2026
नई दिल्ली, 1 अक्टूबर 2026। भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के तहत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने निजी कॉरपोरेट क्षेत्र के पूंजीगत व्यय और भविष्य की निवेश योजनाओं से संबंधित जानकारी जुटाने के लिए Forward-Looking Survey on Private Corporate Sector CAPEX Investment Intentions (CAPEX 2026) शुरू किया है।
सरकार के अनुसार, यह सर्वेक्षण अक्टूबर से दिसंबर 2026 के दौरान किया जाएगा। इसका उद्देश्य बड़े निजी कॉरपोरेट क्षेत्र के उद्यमों द्वारा किए गए और प्रस्तावित पूंजीगत व्यय की समय पर और व्यापक जानकारी जुटाना है, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था में उभरते निवेश रुझानों को समझने में मदद मिल सके।
पिछले, मौजूदा और आगामी निवेश की जानकारी जुटाई जाएगी
NSO के अनुसार, CAPEX 2026 सर्वे में कंपनियों से हाल के वित्तीय वर्षों में किए गए पूंजीगत व्यय, मौजूदा वित्तीय वर्ष के अनंतिम पूंजीगत व्यय और आगामी वित्तीय वर्ष के लिए निवेश इरादों की जानकारी ली जाएगी।
इसके तहत अलग-अलग परिसंपत्ति समूहों और उद्योग क्षेत्रों में होने वाले पूंजीगत व्यय के साथ निवेश रणनीति, निवेश के उद्देश्य और वित्तपोषण के स्रोतों से संबंधित जानकारी भी जुटाई जाएगी।
बड़े निजी कॉरपोरेट उद्यम सर्वे में शामिल
सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, सर्वेक्षण में अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों से चुनी गई बड़ी निजी कॉरपोरेट कंपनियों को शामिल किया जाएगा।
सर्वे का फ्रेमवर्क मंत्रालय कॉरपोरेट मामलों (MCA) में पंजीकृत सक्रिय उद्यमों से संबंधित जानकारी के आधार पर तैयार करता है। इसमें निर्धारित पात्रता और टर्नओवर मानदंड लागू होंगे।
सरकार ने बताया कि यह सर्वेक्षण Collection of Statistics Act, 2008 के प्रावधानों के तहत किया जा रहा है।
सुरक्षित वेब पोर्टल के जरिए होगी जानकारी जमा
NSO के अनुसार, चयनित कंपनियां अपनी जानकारी एक समर्पित और सुरक्षित वेब पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन जमा कर सकेंगी। पोर्टल पर प्रश्नावली, अवधारणाओं और परिभाषाओं को समझने में सहायता के लिए डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं।
CAPEX 2026 में कंपनियों को रिपोर्टिंग में सहायता के लिए इंस्ट्रक्शन मैनुअल, वीडियो गाइड और AI चैटबॉट जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। प्रश्नावली द्विभाषी होगी।
CAPEX 2024 में विनिर्माण क्षेत्र की सबसे बड़ी हिस्सेदारी
सरकारी विज्ञप्ति में CAPEX 2024 सर्वे के निष्कर्षों का भी उल्लेख किया गया है। NSO के अनुसार, 2024-25 में प्रमुख गतिविधि श्रेणियों में विनिर्माण क्षेत्र का कुल पूंजीगत व्यय में सबसे बड़ा हिस्सा 43.80% था।
इसके बाद सूचना एवं संचार क्षेत्र 15.60% और परिवहन एवं भंडारण क्षेत्र 14.00% का स्थान रहा।
CAPEX 2025 में विनिर्माण की हिस्सेदारी 50.17%
MoSPI के अनुसार, अक्टूबर-दिसंबर 2025 में किए गए CAPEX 2025 सर्वे के निष्कर्षों में 2025-26 के अनंतिम कुल पूंजीगत व्यय में विनिर्माण क्षेत्र की हिस्सेदारी 50.17%, यानी ₹5,73,900 करोड़ रही।
इसके बाद सूचना एवं संचार क्षेत्र की हिस्सेदारी 16.38% (₹1,87,395 करोड़), बिजली, गैस, भाप एवं एयर कंडीशनिंग आपूर्ति की 8.96% (₹1,02,448 करोड़) और परिवहन एवं भंडारण की 5.55% (₹63,517 करोड़) रही।
सरकार के अनुसार, CAPEX 2025 के आंकड़ों में करीब 21.16% उद्यमों ने अपने कुल CAPEX का 80% से अधिक हिस्सा रोबोटिक्स में निवेश करने की योजना बताई, जबकि करीब 78.84% उद्यमों ने कहा कि उनके कुल CAPEX का 20% से कम हिस्सा रोबोटिक्स निवेश के लिए होगा।
वास्तविक CAPEX और निवेश इरादों के बीच 96.3% का रियलाइजेशन रेशियो
MoSPI के अनुसार, CAPEX 2025 सर्वे से प्राप्त अनुमानों के आधार पर सर्वे में शामिल उद्यमों द्वारा 2024-25 में किया गया वास्तविक CAPEX प्रति उद्यम ₹173.5 करोड़ रहा।
सरकार के मुताबिक, इससे कुल स्तर पर 96.3% का Realisation Ratio प्राप्त हुआ, जिससे संकेत मिलता है कि वास्तविक पूंजीगत व्यय कुल स्तर पर निवेश इरादों के broadly अनुरूप रहा।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 3,819 उद्यमों के एक निश्चित पैनल से 2024-25, 2025-26 और 2026-27 के लिए प्राप्त कुल CAPEX आंकड़ों में 2024-25 में रिपोर्ट किए गए वास्तविक CAPEX की तुलना में 1.9% की वृद्धि दर्ज की गई।
CAPEX 2026 में ग्रीन एनर्जी और रोबोटिक्स पर भी जानकारी
NSO के अनुसार, नए सर्वे में पारंपरिक पूंजीगत व्यय की जानकारी के अलावा ग्रीन एनर्जी और रोबोटिक्स में निवेश से संबंधित जानकारी भी जुटाई जाएगी।
इसके अलावा, कंपनियों से क्षमता विस्तार या अपग्रेडेशन सहित निवेश के उद्देश्यों तथा CAPEX के वित्तपोषण के स्रोतों के बारे में भी जानकारी ली जाएगी।
कंपनियों से समय पर भागीदारी की अपील
सरकार ने कहा है कि CAPEX सर्वे से तैयार होने वाले अनुमानों की गुणवत्ता और उपयोगिता चयनित कंपनियों की पर्याप्त भागीदारी और समय पर प्रतिक्रिया पर निर्भर करती है।
NSO के अनुसार, कंपनियों द्वारा दी गई जानकारी निजी कॉरपोरेट निवेश के समग्र संकेतक तैयार करने और विभिन्न क्षेत्रों में निवेश गतिविधियों की दिशा तथा मात्रा को समझने में मदद करती है।
समय पर जानकारी मिलने से NSO को निर्धारित सर्वे अवधि के भीतर आंकड़ों का सत्यापन और प्रसंस्करण करने में भी मदद मिलेगी।
कंपनियों के डेटा की गोपनीयता का आश्वासन
NSO ने चयनित कंपनियों को उनके व्यक्तिगत डेटा की गोपनीयता का आश्वासन दिया है। सरकार के अनुसार, किसी व्यक्तिगत उद्यम की पहचान करने वाली जानकारी जारी नहीं की जाएगी।
सरकारी विज्ञप्ति के मुताबिक, सर्वे के परिणाम जारी करते समय गोपनीय जानकारी के प्रकाशन या खुलासे को रोकने के लिए आवश्यक उपाय किए जाएंगे। कंपनियों की व्यक्तिगत CAPEX निवेश योजनाओं की गोपनीयता बनाए रखने के लिए सर्वे का यूनिट-लेवल डेटा सार्वजनिक नहीं किया जाएगा।
पाठकों के लिए इसका क्या मतलब है?
CAPEX 2026 सर्वे का उद्देश्य निजी कंपनियों के पिछले निवेश, मौजूदा पूंजीगत व्यय और भविष्य की निवेश योजनाओं की जानकारी एकत्र करना है। सरकार के अनुसार, इससे निजी कॉरपोरेट क्षेत्र में निवेश की दिशा और विभिन्न उद्योगों में पूंजीगत व्यय के रुझानों को समझने के लिए आंकड़े उपलब्ध होंगे।
यह सर्वे सीधे आम नागरिकों से जानकारी नहीं मांगता। इसका मुख्य दायरा चयनित बड़े निजी कॉरपोरेट उद्यम हैं। सरकार द्वारा जारी अंतिम आंकड़े भविष्य में निजी क्षेत्र के निवेश रुझानों की व्यापक तस्वीर समझने में उपयोगी होंगे।
स्रोत: प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), भारत सरकार
प्रकाशन: 1 अक्टूबर 2026
























