बदरीनाथ: चमोली।
बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित हेराफेरी के मामले की जांच में पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। जांच के दौरान मंदिर परिसर और चढ़ावा गणना कक्ष में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया गया, जिसके आधार पर पुलिस ने मामले में आगे की कार्रवाई तेज कर दी है। सूत्रों के अनुसार, उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संदिग्ध कर्मचारी की गिरफ्तारी की दिशा में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 2 जुलाई की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग में एक कर्मचारी कई बार गणना कक्ष में आते-जाते दिखाई देता है। फुटेज में उसके हाथ में नोटों की गड्डी, धातु के सिक्के तथा कुछ धार्मिक वस्तुएं जैसी सामग्री दिखाई देने की बात जांच में सामने आई है। इन दृश्यों की तकनीकी और कानूनी स्तर पर पुष्टि की जा रही है।
बदरीनाथ शनिवार को भी पुलिस की विवेचना टीम ने मंदिर परिसर में पहुंचकर जांच जारी रखी। सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रही संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही घटना से पहले और बाद की रिकॉर्डिंग का भी गहन परीक्षण किया जा रहा है, ताकि पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सके।
इस मामले में बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) की आंतरिक जांच भी पूरी होने की जानकारी है। समिति की जांच रिपोर्ट जल्द ही मुख्य कार्याधिकारी को सौंपी जाएगी, जिसके बाद आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।
बदरीनाथ पुलिस उपाधीक्षक एवं विवेचना के पर्यवेक्षक मदन सिंह बिष्ट ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का बारीकी से परीक्षण किया जा रहा है। मामले से जुड़े कर्मचारियों से पूछताछ जारी है और जांच के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच मामले में नामित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को पहले ही निलंबित कर ज्योतिर्मठ कार्यालय से संबद्ध किया जा चुका है। पुलिस ने जांच से संबंधित दस्तावेज, गणना कक्ष से जुड़े अभिलेख, कर्मचारियों को जारी नोटिस, उनके जवाब तथा प्रारंभिक जांच रिपोर्ट भी बीकेटीसी से मांगी है। आवश्यक अभिलेख समय पर उपलब्ध नहीं होने पर पुलिस ने समिति को पुनः पत्र भेजकर जल्द रिकॉर्ड उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
नोट: मामले की जांच अभी जारी है। किसी भी आरोपी की दोषसिद्धि न्यायालय में आरोप सिद्ध होने के बाद ही मानी जाएगी।
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