रुद्रपुर। किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने शुक्रवार को रुद्रपुर में धरना-प्रदर्शन शुरू किया। आंदोलन में ऊधमसिंह नगर जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसान पहुंचे। भाकियू का यह धरना 21 से 23 अगस्त तक प्रस्तावित है। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने कलेक्ट्रेट और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
किसानों के शहर में पहुंचने के मद्देनजर पुलिस ने स्टेडियम रोड पर उनके वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की है। वहीं, कलेक्ट्रेट परिसर के आसपास बैरिकेडिंग कर सुरक्षा घेरा बनाया गया है। प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है।
शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर की ओर बढ़ रहे किसानों को पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इसके बाद कुछ किसान हाईवे पर बैठ गए और वहीं धरना देने लगे। किसानों का कहना था कि यदि उन्हें कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई तो वे हाईवे पर ही अपना विरोध जारी रखेंगे।
प्रदर्शनकारियों ने किसानों से जुड़ी कई मांगें उठाईं। इनमें प्रत्येक परिवार को300 यूनिट मुफ्त बिजली देने, किसानों की सहमति के बिना स्मार्ट मीटर नहीं लगाए जाने और किसानों को उनकी भूमि का मालिकाना हक दिए जाने की मांग प्रमुख रही।
रुद्रपुर। बैरिकेडिंग पर रोकने के दौरान कुछ किसानों और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार करने का प्रयास किया। इसी दौरान एक किसान बैरिकेडिंग से कूदकर कलेक्ट्रेट परिसर की ओर जाने लगा, जिसे पुलिसकर्मियों ने रोककर हिरासत में ले लिया।
स्थिति को देखते हुए एसपी कार्यालय की ओर जाने वाले मार्गों पर भी अतिरिक्त बैरिकेडिंग की गई है। संवेदनशील स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती कर लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन को आशंका है कि आंदोलन के दौरान भाकियू टिकैत गुट से जुड़े किसानों की संख्या और बढ़ सकती है। इसे देखते हुए सुरक्षा इंतजाम पहले से मजबूत किए गए हैं।
रुद्रपुर पुलिस-प्रशासन का प्रयास है कि प्रदर्शनकारी निर्धारित स्थान पर ही शांतिपूर्ण तरीके से धरना दें और बिना अनुमति कलेक्ट्रेट या एसपी कार्यालय परिसर की ओर न बढ़ें। सुरक्षा व्यवस्था में उत्तराखंड पुलिस के साथ पीएसी के जवानों को भी तैनात किया गया है। किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए फायर सर्विस की टीम को भी मौके पर तैयार रखा गया है।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन के अधिकारी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। 21 से 23 अगस्त तक प्रस्तावित आंदोलन को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।





















