Special Campaign 6
Special Campaign 6: 31 अक्टूबर तक सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता, जन शिकायतों के निपटारे और ई-कचरे के उचित निस्तारण पर रहेगा जोर
नई दिल्ली, 12 अक्टूबर 2026। केंद्र सरकार के सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता बढ़ाने, लंबित मामलों का निपटारा करने और प्रशासनिक कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने के प्रयासों के तहत सार्वजनिक उद्यम विभाग (Department of Public Enterprises यानी DPE) विशेष अभियान 6 (Special Campaign 6) चला रहा है। इस अभियान का क्रियान्वयन चरण 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित है।
प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), दिल्ली की ओर से 12 अक्टूबर 2026 को जारी जानकारी के अनुसार, इस वर्ष अभियान का मुख्य उद्देश्य सभी कार्यालयों में स्वच्छता सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही लंबित जन शिकायतों के निपटारे, सरकारी रिकॉर्ड की समीक्षा, कार्यालय की जगह के बेहतर उपयोग और इलेक्ट्रॉनिक कचरे (ई-वेस्ट) के व्यवस्थित संग्रह, पृथक्करण तथा निस्तारण पर भी जोर दिया जा रहा है।
क्या है Special Campaign 6?
केंद्र सरकार वर्ष 2021 से सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता सुधारने और लंबित संदर्भों के निपटारे के लिए विशेष अभियान आयोजित करती रही है। DPE भी पिछले अभियानों में सक्रिय रूप से भाग लेता रहा है।
इस वर्ष के Special Campaign 6 के तहत विभाग ने कार्यालयों में स्वच्छता से जुड़े कार्यों के साथ प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए कई लक्ष्य निर्धारित किए हैं।
सरकारी विज्ञप्ति के मुताबिक, अभियान का उद्देश्य केवल कार्यालयों की सफाई तक सीमित नहीं है। इसमें रिकॉर्ड प्रबंधन, जन शिकायतों का निपटारा और उपलब्ध कार्यालयी संसाधनों का प्रभावी उपयोग भी शामिल है।
325 सरकारी फाइलों की होगी समीक्षा
अभियान के प्रारंभिक चरण में सार्वजनिक उद्यम विभाग ने रिकॉर्ड प्रबंधन के तहत कुल 325 फाइलों की समीक्षा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
इसके अलावा, विभाग ने लंबित जन शिकायतों के निपटारे और कार्यालयी स्थान के कुशल उपयोग को भी प्राथमिकता दी है।
सरकार की ओर से जारी जानकारी में इन लक्ष्यों का उल्लेख किया गया है। हालांकि, विज्ञप्ति में यह नहीं बताया गया है कि अब तक 325 में से कितनी फाइलों की समीक्षा पूरी हो चुकी है।
लंबित जन शिकायतों के निपटारे पर जोर
Special Campaign 6 के तहत DPE ने सभी जन शिकायतों के निपटारे का लक्ष्य रखा है। इसका उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों में लंबित मामलों को कम करना और शिकायत निवारण की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है।
सरकारी विज्ञप्ति में शिकायतों के निपटारे के लिए किसी निश्चित संख्या या अब तक की प्रगति का अलग विवरण नहीं दिया गया है।
आम नागरिकों के लिए इसका क्या मतलब है?
सरकारी कार्यालयों में शिकायतों का समय पर निपटारा और रिकॉर्ड का बेहतर प्रबंधन प्रशासनिक कामकाज को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद कर सकता है। हालांकि, इस अभियान से किसी विशेष शिकायत के समाधान की समय-सीमा या गारंटी की घोषणा नहीं की गई है।
ई-वेस्ट के सही निस्तारण पर भी विशेष ध्यान
इस अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा इलेक्ट्रॉनिक कचरे का प्रभावी संग्रह, पृथक्करण और निस्तारण है। इसमें कार्यालयों में उत्पन्न होने वाले ई-वेस्ट के प्रबंधन को व्यवस्थित बनाने पर जोर दिया गया है।
सरकारी विभागों में स्वच्छता बनाए रखने के लिए कचरे के उचित प्रबंधन और कार्यालयी संसाधनों के बेहतर उपयोग को महत्वपूर्ण गतिविधियों में शामिल किया गया है।
हालांकि, PIB की विज्ञप्ति में ई-वेस्ट की निर्धारित मात्रा, निस्तारण के लिए जिम्मेदार एजेंसियों या किसी विशेष तकनीकी प्रक्रिया का विवरण नहीं दिया गया है।
Special Campaign 6 की महत्वपूर्ण तारीखें
सरकारी जानकारी के अनुसार, अभियान को तीन चरणों में आयोजित किया जा रहा है:
- तैयारी चरण: 15 सितंबर से 30 सितंबर 2026
- क्रियान्वयन चरण: 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026
- मूल्यांकन चरण: 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026
तैयारी चरण के दौरान DPE ने अभियान के क्रियान्वयन के लिए लक्ष्य और गतिविधियां निर्धारित कीं। फिलहाल क्रियान्वयन चरण के दौरान विभाग इन लक्ष्यों को पूरा करने के प्रयास कर रहा है। इसके बाद निर्धारित मूल्यांकन चरण में अभियान के कार्यों का आकलन किया जाना है।
कार्यालयी व्यवस्था सुधारने पर भी फोकस
DPE के अभियान में कार्यालयों की सफाई के साथ-साथ कार्यस्थल के वातावरण को बेहतर बनाने, फाइलों के प्रबंधन और कार्यालयी जगह के कुशल उपयोग पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
विभाग के अनुसार, इन प्रयासों का उद्देश्य स्वच्छता को बढ़ावा देने के साथ लंबित कार्यों को कम करना और प्रशासनिक दक्षता को मजबूत करना है। अभियान के तहत सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा करने की गतिविधि भी निर्धारित की गई है।
निष्कर्ष
Special Campaign 6 के तहत सार्वजनिक उद्यम विभाग ने स्वच्छता, जन शिकायतों के निपटारे, 325 फाइलों की समीक्षा, ई-वेस्ट प्रबंधन और कार्यालयी संसाधनों के बेहतर उपयोग को प्राथमिकता दी है।
31 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले क्रियान्वयन चरण के दौरान विभाग इन लक्ष्यों को हासिल करने का प्रयास कर रहा है। अभियान की वास्तविक उपलब्धियों और लक्ष्यपूर्ति की स्थिति के बारे में अधिक जानकारी मूल्यांकन चरण या बाद में जारी होने वाली आधिकारिक रिपोर्ट से स्पष्ट हो सकेगी।
स्रोत: प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), दिल्ली | जारी करने की तारीख: 12 अक्टूबर 2026।






















