देहरादून में सुबह 6 बजे सड़कों का निरीक्षण करने उतरे PWD सचिव
देहरादून। उत्तराखंड में सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने के अभियान के तहत लोक निर्माण विभाग ने निगरानी तेज कर दी है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पांडेय ने शनिवार सुबह 6 बजे से देहरादून के प्रमुख मार्गों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सड़क सुधार और गड्ढा भरान कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर काम पूरा करने के निर्देश दिए।
कई प्रमुख मार्गों का किया निरीक्षण
शासन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, निरीक्षण की शुरुआत सुबह 6 बजे कालीदास रोड टर्न से हुई। इसके बाद सचिव ने कैनाल रोड, नागल, मसूरी डायवर्जन, सहस्रधारा तिराहा, लाडपुर, जोगीवाला, रिस्पना पुल, घंटाघर, चकराता रोड और गढ़ी कैंट सहित शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने सड़कों की मौजूदा स्थिति और सुधार कार्यों की प्रगति का आकलन किया। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जहां सड़क सुधार और गड्ढे भरने का काम जरूरी है, वहां प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए।
18 अक्टूबर 2026 तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य
लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पांडेय ने अधिकारियों को प्रदेश की सड़कों को 18 अक्टूबर 2026 तक गड्ढामुक्त बनाने के निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप काम करने के निर्देश दिए। शासन की ओर से जारी विज्ञप्ति में सड़क सुधार कार्यों में तेजी लाने और तय समयसीमा का पालन करने पर जोर दिया गया है।
विभाग का उद्देश्य सड़कों की स्थिति में सुधार करना और आम लोगों के आवागमन को सुविधाजनक बनाने के साथ सड़क सुरक्षा को बेहतर करना है।
आम जनता के लिए क्या मायने हैं?
सड़कों के गड्ढे भरने और क्षतिग्रस्त हिस्सों में सुधार होने से वाहन चालकों तथा पैदल चलने वालों को आवागमन में सुविधा मिल सकती है। हालांकि, इसका वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि संबंधित मार्गों पर मरम्मत का काम कितनी प्रभावी ढंग से पूरा होता है और सुधार कितने समय तक बरकरार रहता है।
फिलहाल शासन की ओर से निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। सड़कों की वास्तविक स्थिति और मरम्मत कार्यों की पूर्णता का आकलन समयसीमा के बाद किया जा सकेगा।
निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारी रहे मौजूद
शासन की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग के अपर सचिव विनीत कुमार, मुख्य अभियंता दयानंद, अधीक्षण अभियंता ओमपाल सिंह और अरुण पांडेय, अधिशासी अभियंता बी.एन. द्विवेदी सहित अन्य अभियंता एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।




















