कुंभ-2027 की तैयारियां तेज:
हरिद्वार बाईपास निर्माण में संसाधन और श्रमिक बढ़ाने पर जोर, सीसीटीवी से होगी कार्यों की निगरानी
बहादराबाद से सराय होते हुए जगजीतपुर तक निर्माण कार्यों की समीक्षा, दक्षद्वीप पार्किंग तक यातायात व्यवस्था पर भी चर्चा
हरिद्वार, 23 अक्टूबर 2026। कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के तहत हरिद्वार में सड़क निर्माण और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मेला प्रशासन ने राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ी परियोजनाओं की समीक्षा तेज कर दी है। इसी क्रम में शुक्रवार को मेलाधिकारी सोनिका ने आईजी कुंभ डॉ. योगेंद्र सिंह रावत और संबंधित अधिकारियों के साथ हरिद्वार बाईपास परियोजना के पैकेज-1 का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान बहादराबाद से सराय होते हुए जगजीतपुर तक निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया गया और लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
सरकारी जानकारी के अनुसार, मेलाधिकारी सोनिका ने कहा कि हरिद्वार बाईपास सहित भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की अन्य परियोजनाएं कुंभ के सुव्यवस्थित आयोजन और श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्माण कार्यों में तेजी लाने, आवश्यक संसाधन बढ़ाने और श्रमिकों की संख्या में वृद्धि करने के निर्देश दिए। साथ ही, लंबित कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के लिए दिन-रात काम करने पर जोर दिया।
दक्षद्वीप पार्किंग तक पहुंच और यातायात व्यवस्था पर चर्चा
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कुंभ के समय हरिद्वार बाईपास के उपयोग, दक्षद्वीप पार्किंग तक वाहनों की आवाजाही और प्रवेश तथा निकास मार्गों की व्यवस्था पर चर्चा की। मेलाधिकारी ने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य इस प्रकार पूरे किए जाएं, जिससे कुंभ के दौरान यातायात संचालन सुचारु रखने और पार्किंग स्थलों तक वाहनों की आवाजाही व्यवस्थित करने में मदद मिल सके।
मेला प्रशासन के अनुसार, कुंभ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने की संभावना को देखते हुए सड़क संपर्क और यातायात प्रबंधन से जुड़ी तैयारियां समय रहते पूरी करना आवश्यक है। इसी कारण निर्माण कार्यों की प्रगति के साथ यातायात व्यवस्था से जुड़े पहलुओं पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
सीसीटीवी से होगी निर्माण कार्यों की निगरानी
मेलाधिकारी ने कहा कि निर्माण कार्यों में आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए मेला प्रशासन आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएगा। इसके साथ ही, परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करने और निर्माण स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि कार्यों की प्रगति पर नजर रखी जा सके।
हरिद्वार स्पर परियोजना को भी समय पर पूरा करने पर जोर
निरीक्षण के दौरान दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से हरिद्वार को जोड़ने वाली निर्माणाधीन हरिद्वार स्पर परियोजना सहित राष्ट्रीय राजमार्ग से संबंधित अन्य परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने पर भी जोर दिया गया। मेला प्रशासन के अनुसार, इन परियोजनाओं का समय पर पूरा होना कुंभ के दौरान यातायात का दबाव कम करने और श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
निरीक्षण के दौरान एसएसपी कुंभ आयुष अग्रवाल, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, एनएचएआई रुड़की खंड के परियोजना निदेशक पुनीत गर्ग, सीओ कुंभ उमेश कुमार मलिक, यातायात निरीक्षक हितेश कुमार सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
आम लोगों के लिए क्या है इसका महत्व?
हरिद्वार बाईपास और संबंधित सड़क परियोजनाओं को समय पर पूरा करने से कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं तथा स्थानीय नागरिकों की आवाजाही को व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है। दक्षद्वीप पार्किंग तक पहुंचने वाले मार्गों और प्रवेश-निकास व्यवस्था पर ध्यान देने का उद्देश्य वाहनों का संचालन सुगम बनाना है। हालांकि, इन व्यवस्थाओं का वास्तविक प्रभाव निर्माण कार्यों की समय पर पूर्णता और कुंभ के लिए तैयार की जाने वाली अंतिम यातायात योजना पर निर्भर करेगा।
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