हरिद्वार, 26 अगस्त 2026। रक्षाबंधन और आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए जीआरपी उत्तराखंड ने गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीमों ने अलग-अलग राज्यों में तलाश और तकनीकी जांच के बाद 152 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को वापस सौंपे हैं। बरामद मोबाइल की अनुमानित कुल कीमत करीब 31 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस अधीक्षक जीआरपी उत्तराखंड अरुणा भारती के निर्देशन और जीआरपी हरिद्वार के श्री अनुज के निकट पर्यवेक्षण में यह अभियान संचालित किया गया। अभियान के दौरान जीआरपी पुलिस और एसओजी की टीमों ने तकनीकी संसाधनों, सर्विलांस तथा विभिन्न माध्यमों से जुटाई गई जानकारी के आधार पर गुम मोबाइल फोन की लोकेशन और उनके इस्तेमाल से संबंधित सुराग जुटाए।
22 राज्यों तक पहुंची पुलिस की तलाश
हरिद्वार, मोबाइल फोन बरामद करने के लिए जीआरपी की टीमों को 22 राज्यों तक जांच और तलाश का दायरा बढ़ाना पड़ा। अलग-अलग स्थानों से प्राप्त तकनीकी जानकारी के आधार पर टीमों ने मोबाइल फोन को ट्रेस किया और आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें बरामद किया।
तकनीकी संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल
हरिद्वार पुलिस अधीक्षक जीआरपी उत्तराखंड अरुणा भारती ने बताया कि गुम मोबाइल फोन की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी संसाधनों का लगातार प्रभावी इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आमजन की संपत्ति की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल है और गुम हुए मोबाइल फोन की तलाश एवं बरामदगी का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
जीआरपी की इस कार्रवाई से उन लोगों को बड़ी राहत मिली है, जिन्होंने अपने मोबाइल फोन खोने के बाद उन्हें वापस मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी। रक्षाबंधन से पहले 152 लोगों को उनके खोए मोबाइल वापस मिलना जीआरपी उत्तराखंड की कार्रवाई की महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने पुलिस का आभार जताते हुए उसकी कार्यप्रणाली की सराहना की।





















