देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने अपने तीन दिवसीय उत्तराखंड दौरे के दौरान मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी के फ्रंटल संगठनों के अध्यक्षों और प्रदेश कांग्रेस कमेटी की नवनियुक्त कार्यकारिणी के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बंद कमरे में हुई बैठक में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के साथ आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों और पार्टी की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में कुमारी शैलजा ने सभी पदाधिकारियों और फ्रंटल संगठनों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए नेताओं और कार्यकर्ताओं को आपसी समन्वय के साथ एकजुट होकर काम करना होगा। पार्टी की गतिविधियों को बूथ स्तर तक प्रभावी बनाने और अधिक से अधिक लोगों को संगठन से जोड़ने की दिशा में भी चर्चा हुई।
प्रदेश प्रभारी ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों के प्रति गंभीरता बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि चुनावी माहौल नजदीक आने के साथ पार्टी की गतिविधियां बढ़ती हैं और नेताओं एवं कार्यकर्ताओं का जनता के बीच संपर्क भी तेज होता है। ऐसे समय में संगठन के प्रत्येक पदाधिकारी की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।
देहरादून। कुमारी शैलजा ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास घेराव कार्यक्रम में मिली प्रतिक्रिया के लिए पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं और आम जनता का आभार जताया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम को जिस तरह से लोगों का समर्थन मिला, वह उत्साहजनक है। कांग्रेस आगे भी जनहित से जुड़े मुद्दों को मजबूती के साथ उठाती रहेगी और जनता की आवाज सरकार तक पहुंचाने का काम करेगी।
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में मजबूत प्रदर्शन करते हुए सत्ता में वापसी करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता भाजपा सरकार के कार्यकाल से परेशान है और आने वाले चुनाव में कांग्रेस को समर्थन देने का मन बना चुकी है।
देहरादून। गौरतलब है कि कुमारी शैलजा अपने उत्तराखंड दौरे के दौरान कथित शुद्धिकरण प्रकरण को लेकर कांग्रेस की ओर से आयोजित मुख्यमंत्री आवास घेराव कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। इसके बाद प्रदेश मुख्यालय में हुई यह बैठक संगठनात्मक तैयारियों और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
बैठक में पदाधिकारियों को चुनावी तैयारियों के साथ-साथ संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय बनाने और जनता के बीच कांग्रेस की नीतियों एवं कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से पहुंचाने की जिम्मेदारी भी दी गई।





















