बारिश के बीच हरिद्वार में करौली शंकर महाराज की दंडवत यात्रा
हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में मठाधिपति करौली शंकर महाराज के नेतृत्व में निकाली जा रही दंडवत यात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। बारिश के बावजूद देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह में कमी नहीं दिखाई दे रही है। बड़ी संख्या में अनुयायी दंडवत करते हुए यात्रा में शामिल हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, दक्षिणेश्वर महादेव मंदिर में विधि-विधान से रुद्राभिषेक के बाद दंडवत यात्रा का शुभारंभ किया गया। यात्रा श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन, कनखल से आगे बढ़ते हुए हर की पौड़ी पर संपन्न होगी। इस धार्मिक यात्रा में देश के अलग-अलग राज्यों से श्रद्धालु अपने परिवारों के साथ हिस्सा ले रहे हैं।
करौली शंकर महाराज ने बताया कि बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का यात्रा में शामिल होना उनकी गहरी आस्था को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यात्रा में आज भी चार हजार से अधिक लोगों के दंडवत करने की संभावना है। उनके अनुसार, इस यात्रा का उद्देश्य देश की अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखना, सनातन संस्कृति का प्रचार-प्रसार करना और वर्ष 2027 में हरिद्वार में होने वाले कुंभ मेले को सफल, दिव्य एवं भव्य बनाने में योगदान देना है।
गंगा स्वच्छता और सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश
करौली शंकर महाराज ने कहा कि मां गंगा को स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त बनाने के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी इस यात्रा का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने सनातन संस्कृति को भारत की महत्वपूर्ण विरासत बताते हुए कहा कि इसकी परंपराएं पूरे विश्व को आकर्षित करती हैं।
यात्रा के माध्यम से श्रद्धालुओं को मां गंगा की स्वच्छता, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और धार्मिक परंपराओं के प्रचार-प्रसार का संदेश दिया जा रहा है। साथ ही आगामी 2027 कुंभ मेले को स्वच्छ, दिव्य और भव्य बनाने के संकल्प को भी प्रमुखता से सामने रखा जा रहा है।
2027 कुंभ की तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण संदेश
हरिद्वार में वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले कुंभ मेले को लेकर गंगा की स्वच्छता और धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण का विषय महत्वपूर्ण है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं के बीच स्वच्छता और सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।




















