रुद्रप्रयाग । जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण अलकनंदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। बढ़ते जलस्तर के चलते रुद्रप्रयाग मुख्यालय से करीब तीन किलोमीटर दूर स्थित प्रसिद्ध कोटेश्वर महादेव गुफा मंदिर तक नदी का पानी पहुंच गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने इसे आस्था से जोड़ते हुए भगवान शिव के प्राकृतिक जलाभिषेक के रूप में देखा, जबकि प्रशासन ने लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है।
लगातार वर्षा के कारण अलकनंदा नदी का प्रवाह सामान्य दिनों की तुलना में काफी तेज हो गया है। जलस्तर बढ़ने से नदी का पानी गुफा मंदिर के भीतर तक पहुंच गया, जिससे मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। सावन माह के दौरान सामने आए इस दृश्य को देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।
रुद्रप्रयाग श्रद्धालुओं का मानना है कि सावन के पवित्र महीने में अलकनंदा का जल भगवान शिव के चरणों तक पहुंचना विशेष धार्मिक महत्व रखता है। मंदिर परिसर में दिनभर श्रद्धालुओं द्वारा भगवान शिव के जयकारे लगाए जाते रहे और श्रद्धा का वातावरण बना रहा।
वहीं, प्रशासन ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लोगों से नदी के किनारे जाने से बचने की सलाह दी है। अधिकारियों के अनुसार, अलकनंदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है और तेज बहाव के कारण नदी तट पर जाना जोखिम भरा हो सकता है। श्रद्धालुओं से प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
रुद्रप्रयाग विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ने से पानी गुफा मंदिर तक पहुंचा है। हालांकि श्रद्धालु इसे प्राकृतिक घटना के साथ-साथ अपनी धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक अनुभव से भी जोड़कर देख रहे हैं।
कोटेश्वर महादेव मंदिर के महंत शिवानंद गिरि महाराज ने कहा कि ऐसा दृश्य अत्यंत दुर्लभ होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से दर्शन के दौरान संयम बरतने, प्रशासन के निर्देशों का पालन करने तथा तेज बहाव वाली नदी के निक
ट किसी भी प्रकार का जोखिम न उठाने की अपील की।





















