रुद्रप्रयाग । चारधाम यात्रा को सुगम बनाने के उद्देश्य से निर्माणाधीन रुद्रप्रयाग टनल के बाहरी हिस्से में उद्घाटन से पहले भूस्खलन की घटना सामने आई है। पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा आने के कारण टनल के निकट निर्माणाधीन संरचनाओं को नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद प्रशासन और संबंधित एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और राहत एवं सफाई कार्य शुरू कर दिया।
करीब 900 मीटर लंबी यह टनल चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना की महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है। इसके शुरू होने से बदरीनाथ और केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्गों के बीच यातायात अधिक सुगम होने के साथ रुद्रप्रयाग शहर में लंबे समय से लगने वाले जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
रुद्रप्रयाग बताया जा रहा है कि लगातार हो रही बारिश के बीच टनल के बाहरी हिस्से के ऊपर स्थित पहाड़ी का एक हिस्सा अचानक दरक गया, जिससे बड़ी मात्रा में मलबा नीचे आ गया। मलबे की चपेट में आने से आसपास निर्माणाधीन आवासीय परिसर और अन्य ढांचों को नुकसान पहुंचा। हालांकि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।
घटना के बाद प्रशासन, निर्माण एजेंसी और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। प्रभावित क्षेत्र से मलबा हटाने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है, जबकि निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
रुद्रप्रयाग स्थानीय लोगों ने घटना को लेकर निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि परियोजना से जुड़े कार्यों की तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए, ताकि भूस्खलन के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि घटना के तुरंत बाद राहत एवं सफाई कार्य शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि नुकसान का विस्तृत आकलन कराया जा रहा है और विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि घटना के कारणों की जांच की जाएगी और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आगे की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।