हरिद्वार। श्रावण मास के शुभारंभ के साथ गुरुवार से धर्मनगरी हरिद्वार पूरी तरह शिवमय हो गई। तड़के से ही हर की पैड़ी और अन्य प्रमुख गंगा घाटों पर गंगाजल भरने के लिए शिवभक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। भगवा वस्त्र धारण किए श्रद्धालु, रंग-बिरंगी कांवड़ें और “बम-बम भोले” व “हर-हर महादेव” के गूंजते जयघोषों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
गंगाजल भरने के बाद श्रद्धालु भगवान शिव का स्मरण करते हुए अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए। अगले कई दिनों तक हरिद्वार से देश के विभिन्न राज्यों की ओर आस्था की यह यात्रा निरंतर जारी रहेगी। इस वर्ष सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त को पड़ रहा है, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
हरिद्वार कांवड़ यात्रा का आधिकारिक शुभारंभ गुरुवार से माना गया है और यह 11 अगस्त तक चलेगी। हालांकि यात्रा शुरू होने से पहले भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचकर गंगाजल लेकर लौट रहे थे। अब यात्रा के औपचारिक आरंभ के साथ श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी होने की संभावना है।
करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन की व्यवस्था की है। पूरे मेला क्षेत्र को 18 सुपर जोन, 40 जोन और 141 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। कांवड़ पटरी मार्ग, राष्ट्रीय राजमार्ग, प्रमुख घाटों, मंदिरों और अन्य संवेदनशील स्थलों पर पुलिस तथा अर्द्धसैनिक बलों सहित लगभग 6,000 सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है।
हरिद्वार यात्रा मार्गों पर लगातार पुलिस गश्त की व्यवस्था की गई है। वहीं ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी नेटवर्क और आधुनिक कंट्रोल रूम के माध्यम से पूरे मेले की गतिविधियों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का वातावरण मिल सके।
इस अवसर पर योग गुरु Baba Ramdev ने श्रद्धालुओं से कांवड़ यात्रा की गरिमा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि श्रावण मास भगवान शिव की आराधना और आत्मसंयम का पर्व है। ऐसे में नशा, हुड़दंग या किसी भी प्रकार का अनुशासनहीन व्यवहार शिवभक्ति और सनातन परंपरा की भावना के विपरीत है। उन्होंने सभी शिवभक्तों से शांतिपूर्ण, अनुशासित और श्रद्धापूर्वक यात्रा संपन्न करने का आग्रह करते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था, सेवा और संयम का प्रतीक है।
श्रावण मास के आरंभ के साथ हरिद्वार एक बार फिर शिवभक्ति के रंग में रंग चुका है। आने वाले दिनों में लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, भक्ति और उत्साह के बीच कांवड़ यात्रा अपने चरम पर पहुंचेगी।





















