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कांवड़ यात्रा मर्यादा और आस्था का पर्व, नियमों का पालन करें श्रद्धालु : पंडित अधीर कौशिक
हरिद्वार, 23 जुलाई। श्री अखंड परशुराम अखाड़े ने कांवड़ यात्रा पर आने वाले शिवभक्तों से धार्मिक परंपराओं और निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की है। हरिद्वार में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि कांवड़ यात्रा विश्व की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में से एक है, इसलिए प्रत्येक श्रद्धालु को इसकी गरिमा बनाए रखते हुए यात्रा करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा शुरू करने से पहले परिवार के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लें तथा शुभ मंगल तिलक के साथ यात्रा का संकल्प करें। यात्रा के दौरान जिस उद्देश्य से कांवड़ उठाई गई है, उसका स्मरण बनाए रखें और पूरी श्रद्धा एवं अनुशासन के साथ यात्रा पूर्ण करें।
पंडित अधीर कौशिक ने श्रद्धालुओं से किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि धार्मिक यात्रा के दौरान डीजे पर फिल्मी गीतों की धुन पर देवी-देवताओं की वेशभूषा धारण कर नृत्य करने जैसी गतिविधियों से बचना चाहिए। उन्होंने स्वच्छता पर भी जोर देते हुए कहा कि भोजन या प्रसाद ग्रहण करने के बाद हाथ-पैर साफ करें और भंडारों में प्रसाद लेने पर अपनी श्रद्धानुसार दान अवश्य दें।
उन्होंने कांवड़ यात्रा से जुड़ी पारंपरिक मान्यताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि श्रद्धालु यात्रा की धार्मिक मर्यादाओं का सम्मान करें तथा जलाभिषेक के बाद घर लौटने पर भगवान सत्यनारायण की कथा एवं पारिवारिक धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करें।
पंडित अधीर कौशिक ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों को धार्मिक आचार-संहिता और परंपराओं के प्रति जागरूक करने के लिए श्री अखंड परशुराम अखाड़ा विशेष जनजागरूकता अभियान भी चलाएगा।
पत्रकार वार्ता में भागवताचार्य पंडित पवन कृष्ण शास्त्री, महंत कीर्ति गिरी, डॉ. दिनेश आचार्य, विष्णु शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।




















