हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में बुधवार रात से शुरू हुई लगातार मूसलाधार बारिश का सिलसिला गुरुवार को भी जारी रहा। भारी वर्षा के कारण शहर के कई निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। हालांकि प्रतिकूल मौसम के बावजूद कांवड़ यात्रा पूरी आस्था और उत्साह के साथ जारी रही। हजारों शिवभक्त कंधों पर कांवड़ लेकर “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष के साथ अपने गंतव्यों की ओर बढ़ते रहे।
हरिद्वार बारिश के चलते भगत सिंह चौक, रानीपुर मोड़, कनखल और लाटोवाली सहित कई क्षेत्रों में जलभराव देखा गया। नगर निगम और प्रशासन ने सुबह से ही जलनिकासी का कार्य तेज कर दिया, जबकि प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा। कांवड़ यात्रियों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए उन्हें निर्धारित कांवड़ पटरी मार्ग और राष्ट्रीय राजमार्ग से ही आगे बढ़ाया जा रहा है।
लगातार वर्षा और पर्वतीय क्षेत्रों से गंगा में बढ़े जलप्रवाह के कारण भीमगोड़ा बैराज पर गंगा का जलस्तर भी बढ़ गया है। गुरुवार सुबह लगभग नौ बजे जलस्तर 292.75 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर 293 मीटर से मात्र 25 सेंटीमीटर नीचे है। गंगा का खतरे का स्तर 294 मीटर निर्धारित है। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने स्थिति पर सतत निगरानी बनाए रखी है।
हरिद्वार अधिकारियों के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश के कारण गंगा में अतिरिक्त जलप्रवाह पहुंच रहा है, जिससे हरिद्वार में नदी का स्तर बढ़ा है। हालांकि वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभाग अलर्ट मोड पर हैं।
यूपी सिंचाई विभाग के अधिकारियों द्वारा गंगा के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। विभाग के कनिष्ठ अभियंता (जेई) हरीश कुमार ने बताया कि सभी बाढ़ चौकियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं तथा लोगों से एहतियात के तौर पर गंगा किनारे अनावश्यक रूप से न जाने की अपील की गई है।
उधर, कांवड़ मेले को देखते हुए पुलिस, प्रशासन, नगर निगम और अन्य विभागों की संयुक्त टीमें हाईवे, कांवड़ पटरी मार्ग, प्रमुख घाटों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में लगातार तैनात हैं। जलभराव वाले स्थानों से पानी की निकासी का कार्य युद्धस्तर पर जारी है, ताकि श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को न्यूनतम असुविधा हो तथा यात्रा सुचारु रूप से संचालित होती रहे।





















