कुंभ मेला 2027 की तैयारियों में तेजी
हरिद्वार। कुंभ मेला 2027 को लेकर हरिद्वार में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। मेला प्रशासन अब शिविर स्थलों के विकास के साथ-साथ घाटों की मरम्मत, पुलों के निर्माण और संपर्क मार्गों को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दे रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने बैरागी कैंप, नया टापू, सती द्वीप, दक्ष द्वीप और कनखल क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया।
सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, निरीक्षण के दौरान मेलाधिकारी ने विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।
शिविर स्थलों पर बिजली, पानी और संपर्क मार्गों की व्यवस्था पर जोर
मेलाधिकारी सोनिका ने बैरागी कैंप, सेक्टर-12 स्थित नया टापू, सती द्वीप और दक्ष द्वीप में कुंभ शिविरों के लिए विकसित की जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान भूमि की सफाई, समतलीकरण, अस्थायी संपर्क मार्ग, बिजली और पेयजल आपूर्ति सहित अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
सरकारी विज्ञप्ति के मुताबिक, नया टापू तक पहुंचने वाले संपर्क मार्ग को बेहतर बनाने और वहां आवागमन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन का जोर सभी सेक्टरों में श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम और सुरक्षित बनाने पर है।
48 औ 60 मीटर के पुलों का निर्माण तेज करने के निर्देश
कुंभ मेला 2027 के लिए आवागमन की सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से कई पुलों का निर्माण कराया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान मेलाधिकारी ने सतीघाट से बैरागी कैंप को जोड़ने के लिए बनाए जा रहे 48 मीटर लंबे पैदल पुल का जायजा लिया। इसके अलावा दक्ष द्वीप और बैरागी कैंप के बीच निर्माणाधीन 60 मीटर स्पान के स्टील गर्डर डबल लेन पुल के कार्यों की भी समीक्षा की।
वहीं, दरिद्रभंजन महादेव मंदिर के पास मायापुर स्कैप चैनल पर प्रस्तावित बैली ब्रिज का निरीक्षण करते हुए उन्होंने निर्माण कार्य तत्काल शुरू कराने के निर्देश दिए।
सरकारी जानकारी के अनुसार, इस पुल से कनखल क्षेत्र को जोड़ने वाली सड़क पर दरिद्रभंजन मंदिर और श्मशान घाट के प्रवेश द्वार के बीच मौजूद संकरे हिस्से को चौड़ा करने की भी योजना है। इसके लिए संबंधित भूस्वामियों से बातचीत कर आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
घाटों की मरम्मत और सुरक्षा के लिए लगेंगी रेलिंग व चेन
कुंभ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के स्नान के मद्देनजर घाटों की सुरक्षा और साफ-सफाई को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
मेलाधिकारी ने बैरागी कैंप क्षेत्र में स्कैप चैनल पर निर्माणाधीन 260 मीटर लंबे घाट का निरीक्षण किया। इसके बाद कनखल के विभिन्न सार्वजनिक घाटों की स्थिति का जायजा लिया।
सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, संबंधित विभागों को घाटों की आवश्यक मरम्मत कराने तथा स्नानार्थियों की सुरक्षा के लिए रेलिंग और चेन लगाने के निर्देश दिए गए हैं। स्कैप चैनल की बंदी अवधि का उपयोग घाटों की सफाई और मरम्मत के लिए करने को भी कहा गया है।
कनखल श्मशान घाट में भी बढ़ेंगी जनसुविधाएं
निरीक्षण के दौरान मेलाधिकारी ने दक्ष मंदिर, शीतला माता मंदिर और दरिद्रभंजन मंदिर क्षेत्र का भ्रमण किया। इसके साथ ही कनखल श्मशान घाट में कुंभ मेला मद से कराए जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा की।
उन्होंने श्मशान घाट क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, शौचालय निर्माण और अन्य जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए।
इस दौरान स्थानीय नागरिकों से भी बातचीत कर मेला व्यवस्थाओं और निर्माण कार्यों को लेकर उनके सुझाव एवं फीडबैक लिए गए।
श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए क्या होगा इसका मतलब?
कुंभ मेला 2027 की इन तैयारियों का सीधा संबंध हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की सुविधाओं से है।
यदि प्रस्तावित कार्य तय समयसीमा में पूरे होते हैं, तो बैरागी कैंप, दक्ष द्वीप, सती द्वीप और कनखल जैसे क्षेत्रों में आवागमन बेहतर हो सकता है। नए पुलों से अलग-अलग क्षेत्रों के बीच संपर्क सुविधाजनक बनने की उम्मीद है। वहीं, घाटों पर मरम्मत, रेलिंग, चेन और सफाई की व्यवस्था से स्नान के दौरान सुरक्षा और स्वच्छता को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, इन सुविधाओं का वास्तविक लाभ निर्माण कार्य पूरे होने और व्यवस्थाएं जमीन पर लागू होने के बाद ही सामने आएगा।
अधिकारियों को नियमित निगरानी के निर्देश
मेलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को कुंभ से जुड़े निर्माण और व्यवस्थागत कार्यों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने गुणवत्ता, समयबद्धता और स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखकर कार्य पूरे करने पर जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान उप मेलाधिकारी मंजीत सिंह, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अनुभव नौटियाल, पेयजल निगम के अधिशासी अभियंता राजेश गुप्ता सहित ग्रामीण निर्माण विभाग, लोक निर्माण विभाग, पीआईयू, यूपीसीएल और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।




















