बागेश्वर। जिले में लगातार हो रही बारिश का असर ग्रामीण संपर्क मार्गों पर साफ दिखाई दे रहा है। भूस्खलन, मलबा और जलभराव के कारण जिले की 10 ग्रामीण मोटर सड़कें यातायात के लिए बंद हो गई हैं। इनमें सबसे अधिक आठ सड़कें कपकोट क्षेत्र में प्रभावित हैं, जबकि एक-एक मार्ग लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) और पीएमजीएसवाई बागेश्वर खंड के अंतर्गत बंद है। संबंधित विभागों ने मार्गों को शीघ्र खोलने के लिए राहत एवं मरम्मत कार्य तेज कर दिया है। 
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार धैना-लखनी-लोहारी सिल्ली बंड कनस्यारी मोटर मार्ग के पांचवें किलोमीटर पर स्थानीय गधेरे का जलस्तर बढ़ने से सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। यहां वायर क्रेट आधारित अस्थायी वेंटेड काजवे का निर्माण किया जाएगा और 20 जुलाई तक यातायात बहाल करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
बागेश्वर पीएमजीएसवाई के अंतर्गत खातीगांव-देवतोली मोटर मार्ग पर 0.625 किलोमीटर के पास स्कपर पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने से यह मार्ग 10 जुलाई से बंद है। विभाग का कहना है कि मरम्मत कार्य जारी है और जुलाई के अंत तक सड़क को दोबारा चालू करने का प्रयास किया जा रहा है।
कपकोट क्षेत्र में कपकोट-पिंडारी ग्लेशियर-काफलीकमेड़ा मार्ग का स्लाइडिंग जोन लगातार सक्रिय होने के कारण इसे मानसून समाप्त होने तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा धरमघर-माजखेत, नैकाना-बसौरा, बदियाकोट-कुवारी, खड़लेख-भनार, उगिंया-सौराग तथा शामा-लीती-गोगिना सहित कई मार्गों पर मलबा और बोल्डर आने से यातायात बाधित है। अधिकांश मार्गों को जल्द से जल्द खोलने के लिए मशीनों और कर्मचारियों की मदद से अभियान चलाया जा रहा है।
हालांकि राष्ट्रीय राजमार्ग, बीआरओ, लोनिवि कपकोट, वैप्कास और ब्रिडकुल के अधीन अन्य प्रमुख सड़कें फिलहाल सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं।
बागेश्वर जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के अनुसार शनिवार को कपकोट क्षेत्र में 12 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि बागेश्वर और गरुड़ में वर्षा नहीं हुई। सरयू और गोमती नदियों का जलस्तर फिलहाल चेतावनी और खतरे के निशान से नीचे बना हुआ है।
उधर मौसम विभाग ने जिले के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए कपकोट, कौसानी और आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश, आकाशीय बिजली तथा तेज हवाओं की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी सलाह का पालन करने की अपील की है।




















