समर वैली स्कूल में छात्राओं से कथित छेड़छाड़ का मामला
देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित समर वैली स्कूल में छात्राओं से कथित छेड़छाड़ और बदसलूकी के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले में आरोपी शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर शनिवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया। स्कूल का गेट नहीं खोले जाने पर कुछ प्रदर्शनकारी गेट पर चढ़कर दूसरी ओर कूद गए। प्रदर्शन को देखते हुए स्कूल के आसपास पुलिस तैनात रही।
15 छात्राओं ने शिकायत पत्र पर किए हस्ताक्षर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, डालनवाला स्थित समर वैली स्कूल की कक्षा 11वीं की एक छात्रा ने भौतिक विज्ञान के शिक्षक पर गलत तरीके से छूने का आरोप लगाया था। बताया गया है कि शिक्षक के व्यवहार को लेकर स्कूल की प्रिंसिपल को लिखित शिकायत दी गई, जिस पर 15 छात्राओं के हस्ताक्षर होने की बात सामने आई है।
शुक्रवार को शिकायत के बाद स्कूल में हंगामे की स्थिति बन गई। छात्रा और उसकी मां ने आरोप लगाया कि शिकायत लेकर स्कूल पहुंचने पर उन्हें परिसर में काफी देर तक रोका गया और बाहर नहीं जाने दिया गया। इस दौरान स्कूल के गेट बंद किए जाने की भी बात सामने आई। स्थिति की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली।
स्कूल प्रबंधन के व्यवहार पर परिजनों ने जताई नाराजगी
परिजनों का आरोप है कि शिकायत पर उचित कार्रवाई करने के बजाय स्कूल प्रबंधन की ओर से छात्रा के साथ असंवेदनशील व्यवहार किया गया। उनके मुताबिक, प्रबंधन के एक व्यक्ति ने छात्रा से यह बताने के लिए उसे छूकर दिखाने को कहा कि शिक्षक ने कथित तौर पर किस तरह गलत तरीके से छुआ था। इस पर छात्रा और उसके परिजनों ने आपत्ति जताई।
छात्रा की मां ने आरोप लगाया कि उन्हें और उनकी बेटी को स्कूल परिसर से बाहर जाने से रोका गया। उन्होंने इस घटना को बंधक बनाए जाने जैसा बताते हुए पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए। हालांकि, इन आरोपों और घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
आरोपी शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
मामले को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शनिवार को स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। खबरों में संबंधित शिक्षक को निलंबित किए जाने की बात भी सामने आई है, लेकिन निलंबन के आदेश और उसकी आधिकारिक पुष्टि की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
अभिभावकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है मामला?
यह मामला स्कूलों में छात्राओं की सुरक्षा, शिकायतों के प्रति संस्थानों की जवाबदेही और ऐसी शिकायतों को संवेदनशीलता के साथ संभालने की आवश्यकता को सामने लाता है। अभिभावकों के लिए यह जरूरी है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और उनकी जांच निष्पक्ष तरीके से हो। साथ ही, किसी भी व्यक्ति को दोषी ठहराने से पहले आरोपों की निष्पक्ष जांच और आधिकारिक तथ्यों का सामने आना आवश्यक है।




















