कंचन धीमान (हरिद्वार)
स्लग: आचार्य बालकृष्ण को सीबीआई कोर्ट से राहत, आरोप साबित न होने पर बरी
हरिद्वार आचार्य बालकृष्ण को फर्जी दस्तावेज से जुड़े मामले में देहरादून की सीबीआई अदालत से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों को साबित न किए जाने के बाद आचार्य बालकृष्ण को निर्दोष करार दिया है। फैसले के बाद पतंजलि योगपीठ में खुशी का माहौल है।
हरिद्वार फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए योगगुरु स्वामी रामदेव ने इसे सत्य की जीत बताया। उन्होंने कहा कि आचार्य बालकृष्ण को लंबे समय तक मानसिक प्रताड़ना और अपमान का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपना मनोबल बनाए रखा।
हरिद्वार स्वामी रामदेव ने दावा किया कि आचार्य बालकृष्ण, उन्हें और पतंजलि संस्थान को निशाना बनाने की साजिश की गई थी। उनके मुताबिक, आचार्य बालकृष्ण को लंबे समय तक जेल में रखने और उनके खिलाफ कार्रवाई जारी रखने की योजना थी। हालांकि, उन्होंने इन दावों को एक कथित साजिश के तौर पर पेश किया।
हरिद्वार स्वामी रामदेव ने कहा कि अदालत के फैसले से यह स्पष्ट हुआ है कि अभियोजन पक्ष आचार्य बालकृष्ण पर लगाए गए आरोपों को साबित नहीं कर पाया। उन्होंने न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए इसे सत्य और न्याय की जीत बताया।
उन्होंने आचार्य बालकृष्ण के धैर्य और मनोबल की भी सराहना की। स्वामी रामदेव के अनुसार, आचार्य बालकृष्ण ने आयुर्वेद और पतंजलि के क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है और लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी।
अदालत के फैसले के बाद पतंजलि योगपीठ में समर्थकों और सहयोगियों ने खुशी जाहिर की। स्वामी रामदेव ने कहा कि लंबे इंतजार के बाद मिले इस फैसले से उन्हें और उनके सहयोगियों को न्याय मिलने का संतोष है।




















