दिनांक: 16 जून 2026
स्थान: हरिद्वार, उत्तराखंड
हरिद्वार में आयोजित राष्ट्रीय चिंतन शिविर “किसान कुंभ 2026” में देशभर से आए किसानों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। भारतीय किसान यूनियन द्वारा वीआईपी घाट और लाल कोठी पर आयोजित इस कार्यक्रम में आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टरों के साथ पहुंचे और भंडारा व लंगर की सेवा की।
सुबह से ही मुख्य सभा स्थल वीआईपी घाट पर किसानों की भारी भीड़ पंचायत में शामिल होने के लिए जुटी रही। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि देश के किसान, मजदूर, आदिवासी, दलित और पिछड़े वर्ग के सामने कई गंभीर चुनौतियां खड़ी हैं, जिनसे नीतिगत फैसलों के जरिए निपटना जरूरी है।
उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्तमान समय में फैसले आम जनता के बजाय कॉर्पोरेट हितों को ध्यान में रखकर लिए जा रहे हैं, जिससे महंगाई बढ़ रही है और मध्यम वर्ग पर गहरा असर पड़ रहा है। टिकैत ने यह भी कहा कि यदि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता लागू होता है तो इससे देश के किसानों को भारी नुकसान होगा।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि “ग्रामीण भारत देश की आर्थिक रीढ़ है, जिसे हमें एकजुट होकर बचाना होगा, क्योंकि आने वाला समय पूंजीवाद का है।” साथ ही उन्होंने संगठन को मजबूत करने के लिए गांव-गांव जाकर लोगों को जोड़ने की अपील की।
इस शिविर में महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, बिहार, हरियाणा, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों के पदाधिकारी और किसान नेता शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय संगठन महामंत्री पवन खटाना ने किया, जबकि अध्यक्षता सरदार हरि सिंह ने की।
आगामी दिनों में जारी इस चिंतन शिविर में देशहित के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर भारतीय किसान यूनियन द्वारा नीतिगत निर्णय लिए जाएंगे।
जारीकर्ता:
केंद्रीय कार्यालय
भारतीय किसान यूनियन






















