नई दिल्ली, 29 सितंबर 2026। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक विशेष अभियान 6.0 (Special Campaign 6.0) चलाएगा। सरकार के अनुसार, अभियान का मुख्य फोकस राष्ट्रीय राजमार्गों (NHs) और टोल प्लाजा की साफ-सफाई, रखरखाव और बेहतर व्यवस्था पर रहेगा।
PIB द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, अभियान के तहत लंबित मामलों को कम करने, रिकॉर्ड प्रबंधन को मजबूत करने, ई-कचरे के जिम्मेदार निपटान और मंत्रालय के अधीन आने वाले संगठनों में कार्यालय स्थान के बेहतर उपयोग पर भी ध्यान दिया जाएगा।
15 सितंबर से शुरू हुआ तैयारी चरण
सरकार के अनुसार, विशेष अभियान 6.0 को दो चरणों में लागू किया जा रहा है। इसका तैयारी चरण 15 से 30 सितंबर 2026 तक चल रहा है।
इस चरण में सफाई अभियानों के लिए लक्ष्य निर्धारित करने, पुराने और अनुपयोगी सामान के निपटान तथा मुख्य अभियान के दौरान किए जाने वाले अन्य कार्यों की तैयारी की जा रही है।
मुख्य अभियान 2 अक्टूबर 2026 से शुरू होगा।
राष्ट्रीय राजमार्गों पर इन कार्यों पर रहेगा जोर
MoRTH के अनुसार, अभियान के दौरान राष्ट्रीय राजमार्गों पर विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों में कचरा हटाने पर ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा टोल प्लाजा और राष्ट्रीय राजमार्गों के आसपास स्थित स्थानों पर शौचालयों के नवीनीकरण और उनकी साफ-सफाई पर भी काम किया जाएगा।
अभियान के तहत टोल प्लाजा की सफाई, पेंटिंग, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और सोलराइजेशन से जुड़े कार्य किए जाएंगे।
इसके साथ ही सड़क संकेतकों को लगाने और उनमें सुधार, सड़क की मार्किंग की दृश्यता बढ़ाने तथा राष्ट्रीय राजमार्गों को गड्ढामुक्त बनाने सहित अन्य गतिविधियां भी अभियान का हिस्सा होंगी।
50 किलोमीटर के राजमार्ग खंड पर विशेष निगरानी
सरकार ने अभियान के तहत 50 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग के एक हिस्से, जिसमें एक टोल प्लाजा भी शामिल है, को विशेष हस्तक्षेप के लिए चिन्हित किया है।
मंत्रालय के मुख्यालय से अधिकारियों को इन चिन्हित हिस्सों का निरीक्षण करने के लिए भेजा जाएगा। अधिकारी सफाई और सुधार से जुड़े कार्यों के प्रभाव का आकलन करेंगे।
सरकारी जानकारी के अनुसार, नामित अधिकारी अपने संबंधित राजमार्ग हिस्सों का दौरा कर कमियों की पहचान करेंगे और उन्हें जियो-टैग करेंगे। इसके बाद सुधार कार्यों की प्रगति की लगातार निगरानी की जाएगी।
मंत्रालय के अनुसार, अधिकारियों की जिम्मेदारी पहचानी गई कमियों के समय पर समाधान तथा अभियान के दौरान राष्ट्रीय राजमार्गों की सफाई, सुरक्षा और समग्र रखरखाव में सुधार सुनिश्चित करने की भी होगी।
मंत्रालय और क्षेत्रीय कार्यालयों की भागीदारी
MoRTH ने मुख्यालय, क्षेत्रीय कार्यालयों, प्रोग्राम इम्प्लीमेंटेशन यूनिट्स, प्रोग्राम डायरेक्टर्स और अन्य फील्ड कार्यालयों सहित सभी संबंधित अभियान कार्यालयों को प्रभावी तरीके से अभियान लागू करने के लिए निर्देशित किया है।
सरकार के अनुसार, मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण वाले संगठनों के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। ये अधिकारी अपने-अपने संगठनों में अभियान के कार्यान्वयन का समन्वय और निगरानी करेंगे तथा मंत्रालय को नियमित रूप से प्रगति की जानकारी देंगे।
Joint Secretary (Coord.) को मंत्रालय और उसके अधीन संगठनों में विशेष अभियान 6.0 के समग्र समन्वय के लिए नोडल अधिकारी बनाया गया है।
वरिष्ठ अधिकारी करेंगे अभियान की समीक्षा
PIB के अनुसार, विशेष अभियान 6.0 की प्रगति की नियमित समीक्षा Joint Secretary (Coord.) द्वारा अभियान के नोडल अधिकारियों के साथ की जा रही है।
वहीं, MoRTH के सचिव द्वारा तैयारी चरण की प्रगति की समीक्षा साप्ताहिक वरिष्ठ अधिकारियों की बैठकों में की जा रही है।
आम लोगों के लिए इसका क्या मतलब है?
इस अभियान का सड़क यात्रियों पर मुख्य असर राष्ट्रीय राजमार्गों और टोल प्लाजा की साफ-सफाई, रखरखाव और बुनियादी सुविधाओं में सुधार के रूप में देखने को मिल सकता है।
सरकार ने सड़क संकेतकों, रोड मार्किंग की दृश्यता, टोल प्लाजा की सफाई और प्रकाश व्यवस्था तथा गड्ढों को दूर करने जैसे कार्यों को अभियान में शामिल किया है। हालांकि, इन कार्यों से वास्तविक रूप से कितना सुधार होगा, यह अभियान के दौरान किए गए कार्यों और उनके क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।
अतिरिक्त सत्यापन की जरूरत
इस खबर के लिए उपलब्ध PIB घोषणा में अभियान की अवधि, लक्षित गतिविधियों और निगरानी व्यवस्था की जानकारी स्पष्ट रूप से दी गई है। इसलिए इन बिंदुओं के लिए अतिरिक्त सत्यापन आवश्यक नहीं है।
हालांकि, यदि Atulya Bharat में आगे चलकर यह बताया जाए कि:
कितने किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग को गड्ढामुक्त किया गया,
कितने टोल प्लाजा का नवीनीकरण हुआ,
कितने शौचालयों की मरम्मत हुई,
कितना कचरा हटाया गया,
कितनी कमियों को जियो-टैग किया गया,
तो इन आंकड़ों को MoRTH के आधिकारिक अभियान अपडेट या संबंधित सरकारी रिपोर्ट से सत्यापित करना जरूरी होगा।