जालंधर। 16 मार्च 2025 की तड़के जालंधर में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर एवं यूट्यूबर नवदीप सिंह उर्फ रोजर संधू के घर पर हुए ग्रेनेड हमले की जांच अब बड़े आतंकी नेटवर्क और पाकिस्तान स्थित हैंडलरों तक पहुंच चुकी है। हमले के दौरान घर की बालकनी में ग्रेनेड फेंका गया था, हालांकि वह विस्फोट नहीं कर सका। मामले की गंभीरता को देखते हुए बाद में जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई।
जांच में सामने आया कि हमले के पीछे पाकिस्तान में मौजूद गैंगस्टर शहजाद भट्टी की कथित भूमिका की पड़ताल की गई। NIA के अनुसार, भट्टी ने विदेश से हमले को अंजाम देने के लिए नेटवर्क के जरिए निर्देश दिए और इस पूरी साजिश में कई स्थानीय लोगों की भूमिका सामने आई। एजेंसी ने अप्रैल 2026 में दाखिल आरोपपत्र में शहजाद भट्टी को फरार आरोपी के रूप में नामजद किया है।
स्थानीय नेटवर्क की भूमिका भी जांच के घेरे में
जालंधर पंजाब पुलिस की शुरुआती जांच में हार्दिक कंबोज समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस और जांच एजेंसियों के अनुसार, हार्दिक पर घर की बालकनी में ग्रेनेड फेंकने का आरोप है। अदालत के रिकॉर्ड में भी जांच एजेंसी की ओर से उसके खिलाफ इसी तरह के आरोपों का उल्लेख किया गया है।
जांच आगे बढ़ने के साथ हथियारों, विस्फोटक सामग्री और हमले की साजिश से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई। NIA के मुताबिक, इस मामले में अब तक 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि शहजाद भट्टी समेत सात आरोपी फरार बताए गए हैं। एजेंसी बड़े नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य मॉड्यूल की कड़ियों को खंगाल रही है।
NIA की जांच में बड़ी साजिश का संकेत
जालंधर NIA के अनुसार, यह हमला किसी एक व्यक्ति की आपराधिक हरकत तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके पीछे एक व्यापक साजिश की आशंका है। एजेंसी ने अपनी जांच में विदेश से संचालित नेटवर्क, लक्षित हिंसा, युवाओं की भर्ती और अवैध हथियारों की तस्करी से जुड़ी कड़ियों की भी जांच की है।
मामले में पंजाब पुलिस की शुरुआती जांच के बाद NIA ने दिसंबर 2025 में जांच अपने हाथ में ली थी। इसके बाद एजेंसी ने मामले से जुड़े आरोपियों से पूछताछ और नेटवर्क की आर्थिक, संचार एवं लॉजिस्टिक कड़ियों की जांच तेज की। जून 2026 में NIA ने जेल में बंद एक आरोपी से भी पूछताछ की थी।
फिलहाल जांच एजेंसियों का मुख्य फोकस फरार आरोपियों तक पहुंचने और पाकिस्तान से संचालित बताए जा रहे नेटवर्क की अन्य कड़ियों का पता लगाने पर है।