पुणे मेट्रो के दूसरे चरण को मिलेगी रफ्तार
पुणे, 2 नवंबर। पुणे में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में मेट्रो विस्तार के दूसरे चरण (फेज-II) की योजना महत्वपूर्ण साबित होगी। सरकार की आधिकारिक घोषणा के अनुसार, इस चरण में पुणे मेट्रो की चार नई लाइनें 2A, 2B, 4 और 4A शामिल हैं। इन परियोजनाओं से शहर के प्रमुख आवासीय, व्यावसायिक और आईटी क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर बनाने का लक्ष्य है।
सरकार के मुताबिक, फेज-II के तहत लाइन 2A और 2B की कुल लंबाई लगभग 12.75 किलोमीटर होगी। लाइन 2A वनाज से चांदनी चौक तक और लाइन 2B रामवाड़ी से विठ्ठलवाड़ी तक जाएगी। इसके माध्यम से मौजूदा पूर्व-पश्चिम मेट्रो नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा।
वहीं, लाइन 4 लगभग 25.52 किलोमीटर लंबी होगी, जो खराड़ी से खडकवासला को जोड़ेगी। इसके अलावा, लाइन 4A की लंबाई लगभग 6.12 किलोमीटर निर्धारित की गई है। यह नल स्टॉप से माणिक बाग तक कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।
कई प्रमुख इलाकों को मिलेगा मेट्रो नेटवर्क का लाभ
सरकार की घोषणा के अनुसार, इन नए मेट्रो कॉरिडोर के माध्यम से खराड़ी, मगरपट्टा, हडपसर, स्वारगेट, माणिक बाग, नांदेड़ सिटी, पुणे कैंटोनमेंट और वारजे जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को जोड़ा जाएगा।
विशेष रूप से रामवाड़ी से विठ्ठलवाड़ी तक होने वाले पूर्वी विस्तार से खराड़ी और वाघोली के तेजी से विकसित हो रहे आवासीय, व्यावसायिक और आईटी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।
बस सेवाओं और मौजूदा मेट्रो नेटवर्क से होगा बेहतर तालमेल
सरकार के अनुसार, नए मेट्रो कॉरिडोर को इंटरसिटी बस सेवाओं और मौजूदा पुणे मेट्रो नेटवर्क के साथ जोड़ने की भी योजना है। इसके लिए स्वारगेट, नल स्टॉप और खराड़ी बाईपास पर इंटरचेंज सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे यात्रियों को शहर के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचने के लिए परिवहन के विभिन्न साधनों के बीच बेहतर तालमेल मिल सकेगा।
यात्रियों को क्या होगा फायदा?
इस मेट्रो विस्तार का उद्देश्य पुणे में सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुविधाजनक और एकीकृत बनाना है। परियोजनाएं पूरी होने के बाद प्रमुख आवासीय, व्यावसायिक और आईटी क्षेत्रों के बीच आवागमन के बेहतर विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं। इससे निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने और शहरी परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
सरकार ने इन परियोजनाओं को पुणे के सार्वजनिक परिवहन ढांचे के विस्तार और शहर में बेहतर शहरी गतिशीलता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।




















