हरिद्वार, 2 अगस्त। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राव आफाक अली ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर आम लोगों को हो रही असुविधाओं पर चिंता जताते हुए आरोप लगाया कि छोटी-छोटी त्रुटियों के आधार पर लोगों को अनावश्यक रूप से नोटिस जारी किए जा रहे हैं, जिससे उन्हें बार-बार सरकारी कार्यालयों और बीएलओ के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में राव आफाक अली ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और राशन कार्ड जैसे दस्तावेज होने के बावजूद कई नागरिकों से अतिरिक्त प्रमाण मांगे जा रहे हैं, जिससे आमजन को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
हरिद्वार उन्होंने कहा कि यदि आधार कार्ड का उपयोग देशभर में विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी सेवाओं के लिए किया जा रहा है, तो पहचान सत्यापन की प्रक्रिया को अधिक सरल बनाने के लिए इसे मतदाता सूची से भी जोड़ा जाना चाहिए। उनका कहना था कि बार-बार अलग-अलग दस्तावेज प्रस्तुत करने की बाध्यता से लोगों का समय और संसाधन दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोज धनखड़ ने भी एसआईआर प्रक्रिया पर अपनी बात रखते हुए कहा कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची को हिंदी से अंग्रेजी में परिवर्तित किए जाने के दौरान कई नामों की वर्तनी (स्पेलिंग) में त्रुटियां हो गईं। उन्होंने दावा किया कि इन त्रुटियों को सुधारने के लिए मतदाताओं से अतिरिक्त दस्तावेज मांगे जा रहे हैं, जिससे लोगों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कई मामलों में उपनाम (सरनेम) भी गलत दर्ज हो गए हैं।
हरिद्वार मनोज धनखड़ ने मांग की कि एसआईआर प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और नागरिक हितों के अनुरूप बनाया जाए, ताकि वास्तविक मतदाताओं को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
पत्रकार वार्ता के दौरान पवन पाल, प्रवीण पाल, राव यावर अली सहित कांग्रेस के अन्य कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।