अल्मोड़ा। डिजिटल हाउस अरेस्ट का भय दिखाकर लाखों रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ अल्मोड़ा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मामले में शामिल एक आरोपी को हरियाणा के सिरसा जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान रंजोत सिंह, निवासी जगमालवाली, थाना कालांवाली, जिला सिरसा (हरियाणा) के रूप में हुई है। मामले में गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
अल्मोड़ा पुलिस के अनुसार, भतरौजखान थाना क्षेत्र के ग्राम धारड़ निवासी जीवन सिंह रावत ने साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान साइबर सेल और सर्विलांस टीम ने तकनीकी विश्लेषण, बैंक लेनदेन की पड़ताल और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान की।
इसके बाद पुलिस टीम ने हरियाणा में दबिश देकर 22 जुलाई को आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी अभियान में उपनिरीक्षक संजय जोशी, हेड कांस्टेबल राजाराम और कांस्टेबल प्रकाश सिंह शामिल रहे।
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प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ठगों ने खुद को एटीएस पुणे और अन्य केंद्रीय जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर पीड़ित को आतंकवाद से जुड़े एक कथित मामले में फंसाने की धमकी दी। आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज और कथित न्यायालयी आदेश भेजकर वीडियो कॉल के माध्यम से पीड़ित को लगातार निगरानी में रखा तथा किसी से संपर्क न करने के लिए दबाव बनाया।
इसके बाद पीड़ित से ऑनलाइन भुगतान एप पर खाता सक्रिय कराया गया और ई-मेल लॉगिन सहित बैंक खातों तक पहुंच हासिल कर ली गई। आरोप है कि 18 से 31 मार्च 2026 के बीच जांच के नाम पर नौ अलग-अलग लेनदेन के माध्यम से कुल ₹8.80 लाख की राशि आरोपियों के खातों में स्थानांतरित करा ली गई।




















