Haridwar Kanwar Yatra 2026
हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार में कांवड़ यात्रा 2026 का शुभारंभ 30 जुलाई से हो रहा है। 11 अगस्त तक चलने वाले इस विशाल धार्मिक आयोजन को लेकर शासन और प्रशासन ने सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। इस वर्ष लगभग 5.5 करोड़ कांवड़ यात्रियों के हरिद्वार पहुंचने का अनुमान है, जिसके मद्देनजर सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
कड़ी सुरक्षा के बीच होगी कांवड़ यात्रा
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि पूरे कांवड़ मेला क्षेत्र को 18 सुपर जोन, 40 जोन और 141 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर में मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती की गई है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रमुख प्रवेश मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई है। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन निगरानी और आधुनिक कंट्रोल सिस्टम के जरिए पूरे मेले पर 24 घंटे नजर रखी जाएगी।
6 हजार सुरक्षाकर्मी रहेंगे तैनात
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर के अनुसार कांवड़ मेले की सुरक्षा व्यवस्था के लिए करीब 6,000 पुलिस एवं सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। वहीं, स्नान घाटों पर जल पुलिस भी लगातार निगरानी करेगी ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
ट्रैफिक प्लान: इन मार्गों पर रहेगा प्रतिबंध
यात्रा के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष प्लान लागू किया गया है।
- 30 जुलाई से 4 अगस्त तक हरिद्वार-दिल्ली, हरिद्वार-नजीबाबाद और हरिद्वार-रुड़की हाईवे पर रात्रि के समय ही भारी वाहनों का संचालन होगा।
- 5 अगस्त से 11 अगस्त तक इन मार्गों पर भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
- दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कांवड़ वाहनों का प्रवेश भी पूरी तरह बंद रहेगा।
कांवड़ियों के लिए जरूरी गाइडलाइन
प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
- पैदल कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई 6 फीट निर्धारित की गई है।
- झांकी (डेकोरेटेड कांवड़) की अधिकतम ऊंचाई 10 फीट होगी।
- श्रद्धालुओं की सहायता के लिए QR Code आधारित सूचना प्रणाली शुरू की गई है।
- लगभग 70 हजार वाहनों की पार्किंग की विशेष व्यवस्था की गई है।
- कांवड़ कंट्रोल रूम से 24×7 सुरक्षा, सफाई, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था की निगरानी की जाएगी।
महत्वपूर्ण तिथियां
- कांवड़ यात्रा: 30 जुलाई – 11 अगस्त
- पंचक अवधि: 31 जुलाई – 4 अगस्त
- डाक कांवड़: 8 अगस्त – 11 अगस्त
- शिवरात्रि एवं जलाभिषेक: 11 अगस्त
पिछले वर्ष से अधिक श्रद्धालुओं की उम्मीद
पिछले वर्ष हरिद्वार में लगभग 4.52 करोड़ कांवड़ यात्री पहुंचे थे। इस बार प्रशासन को 5.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। इसी को देखते हुए सुरक्षा, यातायात और नागरिक सुविधाओं को पहले से अधिक मजबूत बनाया गया है।






















