हरिद्वार। कांवड़ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने हरिद्वार जनपद के सभी सरकारी एवं निजी शिक्षण संस्थानों में 30 जुलाई से 11 अगस्त तक अवकाश घोषित किया है। इस अवधि में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए सभी संस्थानों को ऑनलाइन माध्यम से शिक्षण कार्य संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की ओर से जारी आदेश के अनुसार, अवकाश की अवधि में सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी विद्यालय, महाविद्यालय, विश्वविद्यालय, प्राविधिक एवं तकनीकी शिक्षण संस्थान तथा आंगनबाड़ी केंद्र नियमित शैक्षणिक गतिविधियों के लिए बंद रहेंगे। हालांकि विद्यार्थियों की शैक्षणिक निरंतरता बनाए रखने के लिए ऑनलाइन कक्षाएं अनिवार्य रूप से संचालित की जाएंगी।
हरिद्वार प्रशासन का कहना है कि कांवड़ मेले के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने से राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों सहित शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव काफी बढ़ जाता है। श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न मार्गों पर डायवर्जन और अस्थायी यातायात प्रतिबंध लागू किए जाते हैं। ऐसे में छात्र-छात्राओं के विद्यालय आने-जाने में कठिनाइयों के साथ सुरक्षा संबंधी चुनौतियां भी उत्पन्न हो सकती हैं।
हरिद्वार जिलाधिकारी ने सभी शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि अवकाश के दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो। संस्थान ऑनलाइन कक्षाओं, डिजिटल अध्ययन सामग्री और अन्य ई-लर्निंग माध्यमों के जरिए नियमित शैक्षणिक गतिविधियां संचालित करें तथा विद्यार्थियों और अभिभावकों को समय रहते इसकी जानकारी उपलब्ध कराएं।
आदेश के अनुपालन के लिए शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा तथा महिला एवं बाल विकास विभाग सहित सभी संबंधित अधिकारियों, विद्यालय प्रबंधन समितियों और प्रधानाचार्यों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
हरिद्वार गौरतलब है कि इस वर्ष हरिद्वार में कांवड़ मेले का आयोजन 30 जुलाई से 11 अगस्त तक प्रस्तावित है। प्रशासन के अनुसार मेले में करोड़ों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। पिछले वर्ष कांवड़ मेले के दौरान चार करोड़ से अधिक श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे थे, जबकि इस वर्ष यह संख्या पांच करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। इसी को देखते हुए प्रशासन सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटा है।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि अवकाश का उद्देश्य कांवड़ मेले के दौरान यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था के माध्यम से विद्यार्थियों की पढ़ाई भी निर्बाध रूप से जारी रहेगी।