हरिद्वार। श्रावण मास के साथ धर्मनगरी हरिद्वार में कांवड़ मेले का उत्साह अपने चरम पर पहुंच गया है। हर की पैड़ी से लेकर प्रमुख गंगा घाटों और कांवड़ यात्रा मार्गों तक शिवभक्तों का विशाल जनसैलाब उमड़ रहा है। इस वर्ष यात्रा की सबसे खास तस्वीर विभिन्न आयु वर्ग के श्रद्धालुओं की सक्रिय भागीदारी है। छोटे बच्चों से लेकर लगभग 60 वर्ष तक की महिलाएं भी कंधों पर कांवड़ उठाकर गंगाजल लेने पहुंच रही हैं और भगवान शिव के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा का परिचय दे रही हैं।
“बोल बम” और “हर-हर महादेव” के जयघोषों के बीच श्रद्धालु गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना हो रहे हैं। प्रशासन के अनुसार, कांवड़ मेले के दौरान अब तक हरिद्वार पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या एक करोड़ का आंकड़ा पार कर चुकी है। आगामी दिनों में, विशेषकर श्रावण शिवरात्रि से पहले, श्रद्धालुओं की संख्या में और वृद्धि होने की संभावना है।
हरिद्वार हर की पैड़ी, सुभाष घाट और मालवीय घाट सहित सभी प्रमुख स्नान घाटों पर सुबह से देर रात तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ बनी हुई है। गंगाजल भरने के बाद कांवड़िए अनुशासित ढंग से अपने गंतव्यों की ओर प्रस्थान कर रहे हैं।
इस वर्ष कांवड़ यात्रा में महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है। बड़ी संख्या में महिलाएं परिवार के साथ यात्रा कर रही हैं, जबकि कई स्थानों पर महिला समूह भी सामूहिक रूप से कांवड़ यात्रा करते दिखाई दे रहे हैं। वहीं, छोटे बच्चे भी अपने माता-पिता के साथ छोटी-छोटी कांवड़ लेकर इस धार्मिक यात्रा में उत्साहपूर्वक शामिल हो रहे हैं। रंग-बिरंगी और आकर्षक कांवड़ों ने यात्रा के आध्यात्मिक वातावरण को और भी जीवंत बना दिया है।
श्रावण शिवरात्रि और डाक कांवड़ यात्रा को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत कर दिया है। 8 से 11 अगस्त के बीच डाक कांवड़ और 11 अगस्त को होने वाले मुख्य जलाभिषेक के मद्देनज़र अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
हरिद्वार मेला क्षेत्र में नागरिक पुलिस के साथ अर्द्धसैनिक बल, एटीएस, बम निरोधक दस्ता (बीडीएस), एसडीआरएफ और जल पुलिस की टीमें प्रमुख घाटों, मंदिरों तथा संवेदनशील स्थलों पर तैनात हैं। भीड़ और यातायात की प्रभावी निगरानी के लिए हरिद्वार में 10 ड्रोन जोन बनाए गए हैं, जबकि ऋषिकेश और नीलकंठ क्षेत्र में अतिरिक्त ड्रोन निगरानी कर रहे हैं।
इसके अलावा, चारधाम एवं मेला कंट्रोल सिस्टम के माध्यम से 529 से अधिक सीसीटीवी कैमरों द्वारा पूरे मेला क्षेत्र की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। श्रद्धालुओं की सुविधा और मार्गदर्शन के लिए प्रशासन ने क्यूआर कोड आधारित सूचना प्रणाली भी शुरू की है, जिससे यात्रियों को आवश्यक जानकारी और सहायता आसानी से उपलब्ध हो सके।
श्रावण मास में हरिद्वार एक बार फिर आस्था, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बन गया है। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे लाखोंशिवभक्तों की उपस्थिति ने धर्मनगरी को पूरी तरह शिवमय बना दिया है
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